पीएम मोदी की ईंधन बचाने की अपील पर भड़के भगवंत मान, विदेशी दौरों को लेकर उठाए सवाल
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और बढ़ती तेल कीमतों के बीच केंद्र सरकार द्वारा लोगों से ईंधन की बचत करने की अपील की गई थी, जिस पर अब विपक्ष ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
भगवंत मान ने प्रधानमंत्री मोदी के विदेशी दौरों का जिक्र करते हुए कहा कि आम लोगों को विदेश यात्रा कम करने की सलाह देने से पहले प्रधानमंत्री को खुद अपने दौरे कम करने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इस समय नीदरलैंड गए हुए हैं और कई अन्य देशों के दौरे पर भी जाने वाले हैं। ऐसे में जनता से त्याग की उम्मीद करना उचित नहीं लगता।
पंजाब के मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की उन सलाहों पर भी सवाल उठाया जिनमें लोगों से वर्क फ्रॉम होम अपनाने, सोने की खरीद टालने और सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा इस्तेमाल करने की अपील की गई थी। भगवंत मान ने तंज कसते हुए पूछा कि जब आम लोग घर से काम कर सकते हैं तो प्रधानमंत्री ऐसा क्यों नहीं कर सकते।
उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के कई अन्य देशों में ऐसी पाबंदियां या अपीलें देखने को नहीं मिलीं। भगवंत मान के मुताबिक अगर वैश्विक संकट है तो फिर दूसरे देशों ने इस तरह के कदम क्यों नहीं उठाए। उन्होंने नेपाल समेत अन्य देशों का उदाहरण देते हुए केंद्र सरकार की नीति पर सवाल खड़े किए।
भगवंत मान ने इस मुद्दे को चुनाव से भी जोड़ते हुए कहा कि चुनाव के दौरान ऐसी कोई समस्या सामने नहीं आई थी, लेकिन चुनाव खत्म होते ही लोगों से बचत और कटौती की अपील शुरू हो गई। उनके इस बयान को केंद्र सरकार पर राजनीतिक हमला माना जा रहा है।
दरअसल पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। इसी को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से ईंधन की खपत कम करने, कारपूलिंग अपनाने और मेट्रो जैसे सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल बढ़ाने की अपील की थी। खबरों के मुताबिक प्रधानमंत्री ने अपने आधिकारिक काफिले का आकार भी कम किया है और भाजपा शासित राज्यों के कई नेताओं ने भी इसी तरह के कदम उठाए हैं।
हालांकि विपक्षी दलों का कहना है कि यह अपील सरकार की नीतिगत विफलता को दिखाती है और आम जनता पर बोझ डालने की कोशिश की जा रही है।



