International News: ईरान–अमेरिका डील के बीच बड़ा कूटनीतिक कदम! खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए PM मोदी को मिला न्योता
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने पीएम मोदी को अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण भेजा, क्षेत्रीय तनाव के बीच बढ़ी कूटनीतिक हलचल
International News: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और ईरान–अमेरिका संबंधों के बीच एक बड़ा कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए औपचारिक न्योता भेजा है।
इस कदम को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
कई चरणों में होंगे अंतिम संस्कार कार्यक्रम
जानकारी के अनुसार, खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम 4 जुलाई से 9 जुलाई तक कई चरणों में आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम की शुरुआत तेहरान के ग्रैंड मोसाल्ला कॉम्प्लेक्स से होगी, जहां पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद तेहरान और पवित्र शहर कोम में बड़े जुलूस निकाले जाएंगे।
इसके अलावा इराक के नजफ और कर्बला में विशेष प्रार्थनाएं आयोजित की जाएंगी। अंतिम चरण में 9 जुलाई को मशहद में इमाम रजा दरगाह पर अंतिम संस्कार संपन्न होगा।
क्षेत्रीय तनाव के कारण टला था कार्यक्रम
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह अंतिम संस्कार कार्यक्रम पहले मार्च में प्रस्तावित था, लेकिन ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के चलते इसे स्थगित कर दिया गया था।
अब हालात स्थिर होने के बाद इसे नए सिरे से आयोजित किया जा रहा है।
भारत–ईरान संबंधों का महत्व
भारत और ईरान के बीच लंबे समय से मजबूत राजनयिक और व्यापारिक संबंध रहे हैं। हाल के वर्षों में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद दोनों देशों ने संवाद और सहयोग बनाए रखा है।
फरवरी में खामेनेई के निधन के बाद भारत ने तत्काल शोक व्यक्त किया था। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास जाकर संवेदना जताई थी।
इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर लगातार ईरानी नेतृत्व के संपर्क में रहे हैं।
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कूटनीतिक संकेत क्या बताते हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार, पीएम मोदी को मिला यह निमंत्रण भारत और ईरान के बीच मजबूत होते रिश्तों का संकेत है। इसे क्षेत्रीय राजनीति में भारत की अहम भूमिका के रूप में भी देखा जा रहा है।
ईरान द्वारा पीएम मोदी को दिया गया यह निमंत्रण सिर्फ एक औपचारिक आमंत्रण नहीं, बल्कि बदलते वैश्विक समीकरणों और भारत की बढ़ती कूटनीतिक ताकत का संकेत माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस पर भारत की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर भी सबकी नजरें रहेंगी।
Written By: Ekta Verma



