अमृतसर लैंडिंग के दौरान एयर इंडिया विमान कुछ देर के लिए पहुंचा पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र, DGCA ने लिया बड़ा एक्शन
नागरिक उड्डयन क्षेत्र से जुड़ी एक महत्वपूर्ण घटना में दिल्ली से अमृतसर जा रही एयर इंडिया की एक उड़ान लैंडिंग के दौरान कुछ समय के लिए पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गई। घटना 22 जून की बताई जा रही है, जिसके बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों और क्रू के खिलाफ अंतरिम कार्रवाई की है।
जानकारी के अनुसार, विमान अमृतसर हवाई अड्डे पर उतरने की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान विमान को बर्ड स्ट्राइक (पक्षी के टकराने) की स्थिति का सामना करना पड़ा। सुरक्षा कारणों से रनवे का निरीक्षण जरूरी हो गया, जिसके चलते विमान को कुछ समय तक होल्डिंग पैटर्न में रखा गया।
इसी प्रक्रिया के दौरान रडार-निर्देशित अप्रोच के बीच विमान निर्धारित मार्ग से हटकर कुछ समय के लिए पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में चला गया। हालांकि स्थिति का पता चलते ही विमान चालक दल ने तुरंत पाकिस्तान के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क किया और स्थापित अंतरराष्ट्रीय विमानन प्रक्रियाओं के तहत पूरी जानकारी साझा की।
विमानन अधिकारियों के अनुसार, उड़ान दल ने सभी आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया और स्थिति को नियंत्रित रखा। इसके बाद विमान को अमृतसर के बजाय वापस दिल्ली की ओर मोड़ दिया गया। विमान सुरक्षित रूप से दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरा और यात्रियों तथा चालक दल को किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ।
घटना के बाद DGCA ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि इस घटना की सूचना निर्धारित प्रक्रिया के तहत रिपोर्ट नहीं की गई थी। इसे गंभीर चूक मानते हुए नियामक संस्था ने अमृतसर के संबंधित एयर ट्रैफिक कंट्रोलर और विमान के ऑपरेटिंग क्रू के खिलाफ अंतरिम कार्रवाई की है।
विमानन क्षेत्र में किसी भी असामान्य घटना की समय पर रिपोर्टिंग को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इससे सुरक्षा मानकों की समीक्षा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम सुनिश्चित की जाती है। DGCA इसी पहलू की जांच कर रहा है कि घटना की जानकारी नियमानुसार क्यों नहीं दी गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के निकट स्थित हवाई मार्गों पर उड़ानों के संचालन में अत्यधिक सतर्कता की आवश्यकता होती है। ऐसे मामलों में एयर ट्रैफिक कंट्रोल और उड़ान दल के बीच बेहतर समन्वय सुरक्षा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।
फिलहाल DGCA की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और जानकारी सामने आ सकती है। नागरिक उड्डयन क्षेत्र की निगाहें अब इस जांच के निष्कर्षों पर टिकी हैं, क्योंकि यह मामला विमानन सुरक्षा और संचालन प्रक्रियाओं से सीधे जुड़ा हुआ है।



