NEET Paper Leak Protest 2026: सरकार और CJP आमने-सामने, संविधान क्लब में आज अहम बैठक
सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद अनशन खत्म किया, CJP चार प्रमुख मांगों पर अड़ी, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग बरकरार
NEET Paper Leak Protest 2026: NEET पेपर लीक विवाद को लेकर पिछले कई दिनों से जारी आंदोलन के बीच शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम होने जा रहा है। केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधिमंडल के बीच आज दोपहर 12:30 बजे दिल्ली के संविधान क्लब में बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक को आंदोलन और सरकार के बीच संवाद की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। हालांकि, CJP ने स्पष्ट कर दिया है कि उसकी प्रमुख मांगों पर कोई समझौता नहीं होगा।
सरकार और CJP के बीच होगी पहली औपचारिक बातचीत
सूत्रों के अनुसार, पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने CJP को अपने कार्यालय में बातचीत के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन पार्टी ने वहां जाने से इनकार कर दिया। इसके बाद जंतर-मंतर पर बैठक की चर्चा हुई, जिस पर सरकार सहमत नहीं हुई। अंततः दोनों पक्ष संविधान क्लब में बातचीत के लिए तैयार हुए।
बैठक में सरकार की ओर से वरिष्ठ मंत्री शामिल होंगे, जबकि CJP का प्रतिनिधिमंडल परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही से जुड़े मुद्दे उठाएगा।
CJP अपनी चार प्रमुख मांगों पर अडिग
CJP ने साफ कर दिया है कि आंदोलन केवल आश्वासन से समाप्त नहीं होगा। पार्टी की प्रवक्ता वैष्णवी गौर के अनुसार, संगठन चार प्रमुख मांगों पर कायम है—
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
- NEET पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा।
- शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और युवाओं के खिलाफ दर्ज सभी FIR वापस लेना।
- देश की परीक्षा प्रणाली में व्यापक और स्थायी सुधार लागू करना।
पार्टी का कहना है कि जब तक इन मुद्दों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का ऐलान
CJP ने 24 जुलाई को देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की घोषणा की है। संगठन का कहना है कि यह प्रदर्शन परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जिम्मेदारी तय करने और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा की मांग को लेकर किया जाएगा।
26 दिन बाद सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन
NEET विवाद को लेकर 26 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात अपना अनशन समाप्त कर दिया। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और लद्दाख एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की मौजूदगी में जूस पीकर अनशन तोड़ा।
वांगचुक ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिलने और विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसदों द्वारा संसद में परीक्षा प्रणाली पर चर्चा कराने के समर्थन के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया।
सरकार ने क्या आश्वासन दिया?
सोनम वांगचुक के अनुसार, सरकार ने भरोसा दिया है कि—
- भारतीय संसद में परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही और सुधार पर गंभीर चर्चा कराई जाएगी।
- NEET पेपर लीक से जुड़े मामलों में उचित कार्रवाई की जाएगी।
- कथित तौर पर परीक्षा विवाद से प्रभावित परिवारों को सहायता और मुआवजे के प्रस्ताव पर विचार होगा।
- शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ अनावश्यक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
- शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
वांगचुक ने अपने संदेश में कहा कि उनका अनशन समाप्त हुआ है, लेकिन अब “जवाबदेही की शुरुआत” होनी चाहिए।
संसद में भी गरमाया मुद्दा
NEET पेपर लीक का मामला संसद के मानसून सत्र में भी लगातार गूंज रहा है। विपक्ष केंद्र सरकार पर परीक्षा प्रणाली को लेकर सवाल उठा रहा है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है। विपक्ष की मांग है कि इस मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा कराई जाए।
प्रधानमंत्री मोदी ने दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता छात्रों का शैक्षणिक वर्ष बचाना था, इसलिए कम समय में दोबारा परीक्षा कराई गई और समय पर परिणाम भी घोषित किए गए।
प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार ने पेपर लीक जैसे मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था का प्रस्ताव तैयार किया है, जिस पर कैबिनेट में विचार किया जाएगा। साथ ही परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कानूनी सुधार भी किए जाएंगे।
क्या खत्म होगा आंदोलन?
आज होने वाली बैठक को लेकर सभी की नजरें टिकी हैं। यदि सरकार और CJP के बीच प्रमुख मुद्दों पर सहमति बनती है तो आंदोलन में नरमी आ सकती है। हालांकि CJP ने संकेत दिए हैं कि केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस फैसलों के बाद ही वह अपने आंदोलन की अगली रणनीति तय करेगा।
फिलहाल, सरकार संवाद के जरिए समाधान तलाशने की कोशिश कर रही है, जबकि छात्र संगठन परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग पर अडिग हैं। ऐसे में संविधान क्लब में होने वाली यह बैठक NEET विवाद के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकती है।



