Jantar Mantar Protest: जंतर-मंतर पर फिर बवाल! पथराव, लाठीचार्ज और आंसू गैस के बीच सरकार-CJP की तीसरे दौर की वार्ता आज
Jantar Mantar Protest:
राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर सुर्खियों में है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहे प्रदर्शन के दौरान शनिवार दोपहर हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। पथराव, तोड़फोड़, लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों के बीच कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर सामने आई है। इस घटनाक्रम ने आंदोलन और सरकार के बीच जारी टकराव को और तेज कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 1:30 बजे जंतर-मंतर स्थित LIC बिल्डिंग के पास प्रदर्शनकारियों का एक समूह पुलिस बैरिकेडिंग के करीब पहुंच गया। इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा पुलिस पर पथराव किए जाने और सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की सूचना मिली। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहले चेतावनी दी और उसके बाद लाठीचार्ज किया। हालात पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे गए।
झड़प के दौरान कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात सामने आई है। वहीं कुछ प्रदर्शनकारियों के भी चोटिल होने की खबर है, हालांकि आधिकारिक तौर पर घायलों की संख्या जारी नहीं की गई है। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति दोबारा न बिगड़े।
इस बीच दिल्ली पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को लेकर भी बड़ा खुलासा किया। सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि प्रदर्शन से जुड़ी फर्जी और भ्रामक सूचनाएं फैलाने वाले 400 से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान कर उन्हें ब्लॉक कराया गया है। पुलिस का कहना है कि इनमें कई ऐसे अकाउंट भी शामिल हैं जो पहले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी सक्रिय थे और भ्रामक जानकारी फैलाने का काम कर रहे थे।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक महिला की मौत की खबर पूरी तरह झूठी है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा न करें।
दूसरी ओर, आंदोलन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकार के सामने अपना रुख और सख्त कर दिया है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि उनकी सबसे बड़ी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है और जब तक इस पर ठोस फैसला नहीं होता, सरकार से बातचीत का कोई मतलब नहीं है। CJP का आरोप है कि शिक्षा व्यवस्था में हुई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक मामलों की नैतिक जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री को लेनी चाहिए।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार और CJP के बीच आज दोपहर 3:30 बजे तीसरे दौर की बातचीत प्रस्तावित है। इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें सरकार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अपना रुख स्पष्ट कर सकती है। इससे पहले दोनों पक्षों के बीच हुई दो बैठकों में कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई थी।
राजनीतिक गलियारों में भी इस घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है। विपक्ष सरकार पर छात्रों की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगा रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि वह बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहती है और कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
फिलहाल जंतर-मंतर, संसद मार्ग और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। पुलिस लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। अब सबकी निगाहें सरकार और CJP के बीच होने वाली तीसरे दौर की वार्ता पर टिकी हैं। यदि इस बैठक में कोई सकारात्मक नतीजा निकलता है तो आंदोलन की दिशा बदल सकती है, लेकिन अगर बातचीत फिर बेनतीजा रहती है तो आने वाले दिनों में राजधानी में राजनीतिक और सामाजिक तनाव और बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।


