UP Politics: ‘बबुआ 12 बजे उठते थे, 5 बजे जिम और फिर महफिल’, योगी ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना
लखनऊ में नेशनल हैंडलूम डे कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव और पिछली सपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विकास, कानून-व्यवस्था और शिक्षा के मुद्दे पर पूर्व सरकार को घेरा।
UP Politics: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार, 7 अगस्त को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। नेशनल हैंडलूम डे के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों का जिक्र करने के साथ पिछली सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए। इस दौरान उन्होंने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग जीवनभर बच्चे ही बने रहते हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने अखिलेश यादव को लेकर कहा कि उनके पास प्रदेश की जनता और विकास के मुद्दों के लिए समय नहीं था। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि ‘बबुआ’ दोपहर 12 बजे सोकर उठते थे, दो बजे तक तैयार होते थे और शाम पांच बजे जिम जाने का समय हो जाता था। इसके बाद सात बजे के बाद महफिल सजती थी। योगी ने इसी अंदाज में आरोप लगाया कि ऐसे में प्रदेश के विकास के बारे में सोचने का समय कहां से मिलता।
‘भाई-भतीजावाद में डूबी थी पिछली सरकार’
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास के कई काम पहले भी किए जा सकते थे, लेकिन पिछली सरकारों की प्राथमिकताएं अलग थीं। उन्होंने भाई-भतीजावाद का आरोप लगाते हुए कहा कि उस समय सरकार के पास विकास के लिए पर्याप्त समय और इच्छाशक्ति नहीं थी।
उन्होंने हथकरघा और MSME क्षेत्र का जिक्र करते हुए अपनी सरकार की योजनाओं को भी सामने रखा। मुख्यमंत्री ने बताया कि MSME उत्पादों के रजिस्ट्रेशन के साथ सुरक्षा बीमा जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं, ताकि किसी दुर्घटना की स्थिति में संबंधित व्यक्ति को आर्थिक मदद मिल सके।
अखिलेश सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर हमला
योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में उत्तर प्रदेश की पिछली सरकार के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि उस दौर में दंगे होते थे और कई-कई महीनों तक कर्फ्यू की स्थिति बनी रहती थी।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य व्यवस्था का जिक्र करते हुए इंसेफेलाइटिस और डेंगू से होने वाली मौतों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के दौरान गरीबों और बच्चों के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
शिक्षा व्यवस्था का भी किया जिक्र
सीएम योगी ने बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों की स्थिति को लेकर भी पिछली सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले कई स्कूलों में शिक्षक, भवन, शौचालय और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी थी।
वहीं, अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए योगी ने कहा कि अब स्कूलों में बच्चों के लिए अलग-अलग शौचालय, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, किताबें, जूते-मौजे और स्वेटर जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं।
‘मुख्यमंत्री को जिले-जिले में जाना चाहिए’
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार चलाने वाले व्यक्ति को जनता के बीच जाना चाहिए और जिलों का दौरा कर जमीनी स्थिति को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्री अगर लगातार लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझते हैं, तभी योजनाओं का वास्तविक लाभ जनता तक पहुंचाया जा सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार में विकास की जगह परिवारवाद और कथित भ्रष्टाचार का बोलबाला था। योगी ने कहा कि उस समय यह होड़ लगी रहती थी कि कौन कितना फायदा उठा सकता है।
महिलाओं की सुरक्षा पर भी सपा को घेरा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने पिछली सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए और दावा किया कि उनकी सरकार में कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है।
लखनऊ के इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पूरा फोकस एक तरफ अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाने और दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार को घेरने पर रहा। अखिलेश यादव पर ‘बबुआ’ वाले तंज ने उनके भाषण को राजनीतिक तौर पर और ज्यादा चर्चा में ला दिया है।
आने वाले समय में मुख्यमंत्री योगी का यह बयान उत्तर प्रदेश की सियासत में एक और राजनीतिक बहस को जन्म दे सकता है, क्योंकि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है।



