JPSC Protest: छात्रों और सरकार के बीच आज फिर होगी वार्ता, स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचा 8 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल; 10 अगस्त का अल्टीमेटम
JPSC-JSSC परीक्षा में सुधार और पारदर्शिता की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। सरकार और छात्रों के बीच आज दूसरे दौर की बातचीत होगी। मांगें पूरी नहीं होने पर विधानसभा घेराव की चेतावनी दी गई है।
JPSC Protest: झारखंड की राजधानी रांची में JPSC-JSSC परीक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। शुक्रवार को सरकार और छात्रों के बीच हुई पहली दौर की बातचीत के बाद शनिवार को एक बार फिर दोनों पक्ष आमने-सामने होंगे। वार्ता के लिए छात्रों का आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल रांची के स्टेट गेस्ट हाउस पहुंच चुका है।
छात्रों की ओर से साफ कर दिया गया है कि वे अपनी मांगों से पीछे हटने वाले नहीं हैं। उनका कहना है कि जब तक परीक्षा व्यवस्था में सुधार और अन्य मांगों को लेकर सरकार की ओर से ठोस और लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में उनका धरना जारी रहेगा।
शुक्रवार को हुई थी पहले दौर की बातचीत
JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, परीक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता समेत कई मांगों को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। इसी को देखते हुए सरकार ने छात्रों से बातचीत के लिए चार मंत्रियों का पैनल गठित किया है।
शुक्रवार को इसी पैनल और 10 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच पहले दौर की वार्ता हुई थी। बैठक में छात्रों ने अपनी मांगें सरकार के सामने रखीं। अब शनिवार को एक बार फिर बातचीत होने जा रही है।
स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचा छात्र प्रतिनिधिमंडल
शनिवार को होने वाली वार्ता के लिए ‘जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच’ का आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल स्टेट गेस्ट हाउस पहुंच चुका है। छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि वे सरकार के साथ सार्थक बातचीत करना चाहते हैं और उम्मीद है कि उनकी समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य ने कहा कि छात्र चाहते हैं कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उनकी समस्याओं को गंभीरता से लें और परीक्षा व्यवस्था से जुड़ी परेशानियों को दूर किया जाए।
देवेंद्र नाथ महतो ने क्या कहा?
छात्र नेता और JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो ने भी अपनी मांगों को लेकर स्पष्ट रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल सरकार के सामने छात्रों की सभी मांगें रखेगा।
महतो के मुताबिक, बातचीत के लिए कितने लोग जा रहे हैं, यह महत्वपूर्ण नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि छात्रों की सभी मांगें समान हैं और उन्हें पूरा किया जाना चाहिए।
देवेंद्र नाथ महतो पिछले छह दिनों से छात्रों के समर्थन में भूख हड़ताल पर हैं। उनके आंदोलन के चलते भी सरकार पर छात्रों की मांगों को लेकर दबाव बढ़ा है।



