JPSC-JSSC : विधानसभा घेराव के लिए छात्रों का मार्च, देवेंद्र महतो बोले- ‘यहां खून नहीं बहना चाहिए’

रांची में JPSC-JSSC विवाद को लेकर प्रदर्शनकारी छात्रों ने विधानसभा घेराव के लिए मार्च शुरू कर दिया है। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

JPSC-JSSC: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं और छात्रों की मांगों को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब और तेज हो गया है। रविवार को राज्य सरकार के मंत्रियों की विशेष कमेटी और प्रदर्शनकारी छात्र प्रतिनिधियों के बीच करीब पांच घंटे तक चली मैराथन वार्ता के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। बातचीत बेनतीजा रहने के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों ने सोमवार, 10 अगस्त को पूर्व घोषित विधानसभा घेराव की ओर कदम बढ़ा दिया।

सुबह से ही बड़ी संख्या में छात्र पुरानी विधानसभा के पास जुटने लगे। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने नई विधानसभा की ओर पैदल मार्च शुरू किया। छात्रों के विधानसभा घेराव को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। विधानसभा के आसपास कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की गई है और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

देवेंद्र महतो ने की शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील

छात्र नेता और JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो भी आंदोलनकारी छात्रों के मार्च में शामिल हुए। महतो पिछले नौ दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में भूख हड़ताल पर हैं। इसके बावजूद वह छात्रों के साथ विधानसभा मार्च में पहुंचे।

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए देवेंद्र महतो ने अनुशासन बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान किसी भी तरह की हिंसक स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए। महतो ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि वह नहीं चाहते कि झारखंड में भी ऐसी कोई अप्रिय स्थिति बने।

उन्होंने कहा, “यहां खून नहीं बहना चाहिए। सब कुछ शांतिपूर्ण रहना चाहिए।” महतो ने छात्रों से संयम बनाए रखने और किसी के बहकावे में न आने की अपील भी की।

‘मैं कोई भगवान या मसीहा नहीं हूं’

देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि सरकार को छात्रों की मांगों पर कोई ठोस फैसला लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार की ओर से समाधान नहीं आता है तो छात्र अपना आंदोलन जारी रखने के लिए मजबूर होंगे।

महतो ने खुद को आम आदमी बताते हुए कहा कि वह पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और इसके बावजूद छात्रों के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन के कारण उनकी निजी जिंदगी में कुछ बदलने वाला नहीं है, लेकिन छात्रों के मुद्दे को लेकर वह अपनी जान जोखिम में डालकर भी यहां पहुंचे हैं।

उन्होंने साफ किया कि वह अपनी भूख हड़ताल फिलहाल नहीं तोड़ेंगे। उनका कहना है कि सरकार को छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े प्रदर्शनकारी

विधानसभा घेराव को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई जगह बैरिकेडिंग की है। हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्र कई स्थानों पर बैरिकेडिंग को पार करते हुए आगे बढ़ते दिखाई दिए।

प्रशासन की ओर से विधानसभा क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रदर्शन पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों की भी मदद ली जा रही है। पुलिस बल के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं।

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शिबू सोरेन की तस्वीर लेकर पहुंचे देवेंद्र महतो

विधानसभा घेराव के दौरान देवेंद्र नाथ महतो झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य की राजनीति के प्रमुख चेहरे शिबू सोरेन की तस्वीर लेकर प्रदर्शन करते नजर आए। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र उनके साथ मौजूद रहे।

JPSC-JSSC विवाद को लेकर छात्रों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से युवाओं के भविष्य पर असर पड़ रहा है। छात्र लंबे समय से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

रविवार की वार्ता रही बेनतीजा

विधानसभा घेराव से ठीक एक दिन पहले रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई थी। राज्य मंत्रियों की विशेष कमेटी और प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों के बीच तीन दौर की बातचीत हुई, जो करीब पांच घंटे चली।

छात्रों को उम्मीद थी कि वार्ता के जरिए कोई समाधान निकलेगा, लेकिन बातचीत से कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद छात्रों ने पहले से घोषित विधानसभा घेराव को आगे बढ़ाने का फैसला किया।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच गतिरोध किस तरह खत्म होता है। फिलहाल छात्र अपनी मांगों को लेकर विधानसभा की ओर बढ़ रहे हैं और प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है।

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