PM Modi meeting : ‘विभागों के बीच की दीवारें तोड़ें, युवाओं से जुड़ाव बढ़ाएं’, PM मोदी ने अधिकारियों को दिया संदेश
PM Modi ने सचिवों के साथ हाई-लेवल मीटिंग में विभागों के बीच साइलो खत्म करने, युवाओं और विश्वविद्यालयों से जुड़ाव बढ़ाने, AI के प्रभावी इस्तेमाल और डेटा को राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में इस्तेमाल करने पर जोर दिया।

PM Modi meeting : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को भारत सरकार के सचिवों के साथ अपने आवास पर तीसरी हाई-लेवल बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी, सुरक्षा एवं विदेश नीति और गवर्नेंस से जुड़े मंत्रालयों के भविष्य के एक्शन एजेंडे पर चर्चा हुई। पीएम मोदी ने अधिकारियों से विभागों के बीच बेहतर तालमेल के साथ काम करने और युवाओं से संवाद बढ़ाने पर जोर दिया।
साइलो की सोच खत्म करने पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि अलग-अलग विभागों के बीच काम करने की ‘साइलो’ व्यवस्था केवल संगठनात्मक समस्या नहीं, बल्कि सोच से जुड़ी चुनौती भी है। उन्होंने अधिकारियों से अपनी जिम्मेदारियों को अपनापन और जवाबदेही की भावना के साथ निभाने तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने को कहा।
पीएम मोदी ने अधिकारियों से तत्काल मुद्दों और आंकड़ों तक सीमित रहने के बजाय देश के भविष्य को लेकर दीर्घकालिक सोच विकसित करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार की कार्यसंस्कृति में सामूहिक प्रयास और समन्वय स्वाभाविक रूप से शामिल होना चाहिए।
युवाओं और विश्वविद्यालयों से बेहतर जुड़ाव
बैठक में प्रधानमंत्री ने नीति निर्माण में नए विचार लाने के लिए सरकारी विभागों, विश्वविद्यालयों और युवाओं के बीच व्यापक जुड़ाव की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि युवाओं और विश्वविद्यालयों से संवाद बढ़ाने से नीतियों में नए और अनोखे विचार शामिल किए जा सकते हैं।
प्रधानमंत्री हाल के दिनों में अपने संबोधनों में युवाओं पर विशेष जोर दे रहे हैं। 15 अगस्त को लाल किले से दिए स्वतंत्रता दिवस के भाषण में उन्होंने युवाओं का करीब 50 बार उल्लेख किया था।
AI के इस्तेमाल में मानवीय हस्तक्षेप जरूरी
हाई-लेवल बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रभावी इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई। पीएम मोदी ने AI की क्षमताओं को मानवीय विशेषज्ञता के साथ जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल के साथ मानवीय हस्तक्षेप और निर्णय लेने की प्रक्रिया को भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
डेटा को राष्ट्रीय संपत्ति बताया
प्रधानमंत्री ने डेटा को देश की राष्ट्रीय संपत्ति और भविष्य के लिए महत्वपूर्ण संसाधन बताया। उन्होंने कहा कि सरकार डेटा जुटाने, उसे सुरक्षित रखने और मैनेज करने पर संसाधन खर्च करती है, लेकिन अलग-अलग विभागों के बिखरे हुए सिस्टम और काम करने के अलग-अलग तरीकों के कारण इसकी पूरी क्षमता का इस्तेमाल नहीं हो पाता।
बैठक में कोविड-19 महामारी और पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी परिस्थितियों के दौरान विभिन्न सरकारी विभागों के बीच हुए प्रभावी समन्वय का भी उल्लेख किया गया। प्रधानमंत्री ने ऐसे समन्वय तंत्र को सरकार की नियमित कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाने की जरूरत बताई।
युवाओं के लिए स्वतंत्रता दिवस पर कई घोषणाएं
15 अगस्त को लाल किले से अपने 75 मिनट के भाषण में पीएम मोदी ने युवाओं के लिए कई घोषणाएं की थीं। इनमें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग, युवाओं के लिए AI स्किलिंग कार्यक्रम और 5 से 15 वर्ष के बच्चों के लिए देशव्यापी स्पोर्ट्स टैलेंट हंट शामिल हैं।
प्रधानमंत्री की सचिवों के साथ बैठक में युवाओं, तकनीक, डेटा और विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर दिया गया जोर सरकार की दीर्घकालिक नीति और प्रशासनिक कार्यसंस्कृति में बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।



