UP News : सीएम युवा योजना से साधना बनीं आत्मनिर्भर, 3.20 लाख के ऋण से शुरू किया वाटर प्लांट, 6 लोगों को दिया रोजगार
UP News : CM युवा योजना से इटावा की साधना ने 3.20 लाख रुपये के ऋण और 87 हजार रुपये के अनुदान से वाटर प्लांट शुरू किया। आज 6 लोगों को रोजगार और 4.20 लाख का वार्षिक कारोबार।

UP News : उत्तर प्रदेश में युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन्हीं योजनाओं में शामिल मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) अब कई लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रहा है।
इटावा जिले के महेवा क्षेत्र की रहने वाली साधना इसकी एक प्रेरणादायक उदाहरण हैं। योजना के तहत मिले 3.20 लाख रुपये के ऋण और 87 हजार रुपये के अनुदान की मदद से उन्होंने अपना ‘जय भोले वाटर प्लांट’ स्थापित किया। आज उनका व्यवसाय न केवल उनके परिवार को आर्थिक मजबूती दे रहा है, बल्कि छह अन्य लोगों को रोजगार भी उपलब्ध करा रहा है।
समाचार पत्र से मिली सीएम युवा योजना की जानकारी
साधना के अनुसार, उन्हें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की जानकारी एक समाचार पत्र के माध्यम से मिली थी। उस समय उनका कोई स्वयं का व्यवसाय नहीं था, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और अपने पैरों पर खड़े होने की इच्छा थी।
योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने आवेदन किया और स्वरोजगार शुरू करने का निर्णय लिया। साधना का कहना है कि सरकारी योजना से मिली मदद ने उन्हें उद्यमी बनने का अवसर दिया और अपने व्यवसाय की शुरुआत करने का आत्मविश्वास भी बढ़ाया।
अप्रैल 2025 में मिला ऋण और अनुदान
साधना को अप्रैल 2025 में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 3.20 लाख रुपये का ऋण और 87 हजार रुपये का अनुदान मिला। इस वित्तीय सहायता से उन्होंने ‘जय भोले वाटर प्लांट’ की स्थापना की।
उन्होंने बताया कि व्यवसाय शुरू करने में सबसे बड़ी चुनौती पूंजी की व्यवस्था थी। सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण अपना कारोबार शुरू करना आसान नहीं था, लेकिन सीएम युवा योजना से मिली वित्तीय सहायता ने उनकी राह आसान कर दी।
इसके बाद साधना ने क्षेत्र में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का काम शुरू किया और बेहतर सेवा के माध्यम से धीरे-धीरे ग्राहकों का विश्वास हासिल किया।
4.20 लाख रुपये तक पहुंचा वार्षिक कारोबार
लगातार मेहनत और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के चलते आज साधना का वाटर प्लांट क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुका है। वर्तमान में उनके उद्यम का वार्षिक टर्नओवर लगभग 4.20 लाख रुपये तक पहुंच गया है।
साधना का मानना है कि ग्राहकों का भरोसा और सेवा की गुणवत्ता ही किसी भी व्यवसाय की सफलता की सबसे बड़ी पूंजी है। उनका उद्यम अब केवल परिवार की आय का साधन नहीं है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार का भी माध्यम बन गया है।
वाटर प्लांट से 6 लोगों को मिला रोजगार
साधना के ‘जय भोले वाटर प्लांट’ से वर्तमान में 6 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला हुआ है। इससे कई परिवारों की आजीविका भी जुड़ी हुई है।
स्वरोजगार के साथ रोजगार सृजन का यह उदाहरण मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के उद्देश्य को भी मजबूत करता है, जिसके तहत युवाओं और महिलाओं को नौकरी तलाशने के बजाय स्वयं का उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
अब कारोबार विस्तार की तैयारी
साधना अब अपने वाटर प्लांट व्यवसाय का विस्तार करने की योजना बना रही हैं। उनका लक्ष्य अधिक लोगों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के साथ-साथ भविष्य में रोजगार के और अवसर पैदा करना है।
उनका कहना है कि मेहनत, सही योजना और सरकारी सहयोग मिलने पर सीमित संसाधनों के बावजूद स्वरोजगार का सपना साकार किया जा सकता है। इटावा की साधना की सफलता यह दिखाती है कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग कर युवा और महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर तैयार कर सकती हैं।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के माध्यम से प्रदेश में स्वरोजगार और छोटे उद्यमों को बढ़ावा देने की दिशा में ऐसे सफल उदाहरण आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को मजबूती दे रहे हैं।



