Vindhya Kajli Mahotsav 2026: विलुप्त हो रही कजरी को संजोने की पहल, 19 सितंबर को मीरजापुर में होगा 16वां विन्ध्य कजली महोत्सव

Vindhya Kajli Mahotsav 2026: विलुप्त होती जा रही कजरी और विन्ध्य क्षेत्र की पारंपरिक लोक कलाओं को संरक्षित करने की पहल की जा रही है। इसी उद्देश्य से कलाकार मंच ट्रस्ट की ओर से 16वें विन्ध्य कजली महोत्सव 2026 का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव 19 सितंबर को मीरजापुर में आयोजित होगा।

महोत्सव को लेकर कलाकार मंच ट्रस्ट के सचिव शिवलाल गुप्ता की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। इसमें कजरी के संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों तक इस लोक परंपरा को पहुंचाने को लेकर चर्चा हुई।

19 सितंबर को होगा कजली महोत्सव

बैठक में तय किया गया कि 16वां विन्ध्य कजली महोत्सव 2026 आगामी 19 सितंबर, शनिवार को आयोजित होगा। कार्यक्रम शाम 6 बजे से शुरू होगा।

महोत्सव का आयोजन मीरजापुर के शुक्लहा कचहरी रोड स्थित अहिल्या बाई होल्कर पार्क के प्रांगण में किया जाएगा। यह स्थान पूर्व मंत्री स्वर्गीय भागवत पाल के घर के सामने स्थित है।

कई पारंपरिक लोक विधाओं को मिलेगा मंच

आयोजकों के मुताबिक विन्ध्य क्षेत्र की कजली के साथ कई पारंपरिक गायन और नृत्य विधाएं धीरे धीरे विलुप्त होने की ओर हैं। इनमें कजली, दुनमुनिया शायरी, चौलर, दोलर, ककहरा, बंदिश, अधर, शब्द सोखन और नालबंद जैसी लोक विधाएं शामिल हैं।

महोत्सव के जरिए इन लोक विधाओं को मंच देने और कलाकारों को अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर देने का प्रयास किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि इससे नई पीढ़ी भी अपनी लोक संस्कृति और परंपराओं से जुड़ सकेगी।

देश और प्रदेश के कलाकार देंगे प्रस्तुति

विन्ध्य कजली महोत्सव में केवल मीरजापुर के कलाकार ही नहीं, बल्कि देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

महोत्सव में लोक गायन और नृत्य के जरिए विन्ध्य की सांस्कृतिक विरासत को सामने लाने की तैयारी है। आयोजकों को उम्मीद है कि बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में पहुंचकर पारंपरिक कजरी का आनंद लेंगे।

बैठक में कलाकारों ने रखे विचार

आयोजन की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में सूफिया बेगम, कीर्ति सिंह, जय सिंह पाल एडवोकेट, श्याम गोपाल प्रजापति, विजय शंकर प्रजापति सभासद समेत कई कलाकार और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

बैठक में महोत्सव की तैयारियों और लोक कलाओं को संरक्षित करने के उपायों पर चर्चा की गई। कलाकार मंच ट्रस्ट ने कजरी जैसी पारंपरिक लोक विधाओं को जीवंत बनाए रखने के लिए लोगों से सहयोग की अपील की।

रिपोर्ट: सत्येन्द्र कुमार मिश्र, चन्दौली

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