UP Politics News: छोटेलाल खरवार का बड़ा दांव, राजभर और संजय निषाद को सपा में आने का खुला ऑफर

सपा सांसद बोले- चुनाव जिताएंगे, कैबिनेट मंत्री भी बनाएंगे; भाजपा के PDA नेताओं से भी सपा में आने की अपील

Sonbhadra Political News: समाजवादी पार्टी के रॉबर्ट्सगंज लोकसभा क्षेत्र से सांसद छोटेलाल खरवार ने राष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद को अपनी-अपनी पार्टियों का समाजवादी पार्टी में विलय करने का खुला ऑफर दिया है।

सपा सांसद ने अपने X (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर पोस्ट करते हुए कहा कि यदि ओम प्रकाश राजभर और संजय निषाद समाजवादी पार्टी में शामिल होते हैं, तो उन्हें चुनाव जिताने के साथ-साथ कैबिनेट मंत्री भी बनाया जाएगा।

छोटेलाल खरवार को समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव का करीबी माना जाता है। उन्होंने कहा कि राजनीति में कौन किसके साथ जाएगा और किसका विलय किस दल में होगा, इसका फैसला आने वाला समय करेगा।

सपा सांसद ने दावा किया कि ओम प्रकाश राजभर और संजय निषाद दोनों PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं और समाजवादी पार्टी में आने पर खुलकर अपनी बात रख सकेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा में सहयोगी दलों और PDA वर्ग के नेताओं को अपनी बात कहने की पूरी स्वतंत्रता नहीं मिलती।

छोटेलाल खरवार ने भाजपा में मौजूद PDA नेताओं से भी समाजवादी पार्टी में शामिल होने की अपील की। उन्होंने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का जिक्र करते हुए कहा कि पहले उन्होंने समाजवादी पार्टी को कमजोर करने की कोशिश की थी, लेकिन अखिलेश यादव ने उन्हें 100 विधायक लेकर आने पर मुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव दिया था। खरवार ने दावा किया कि इसके बाद केशव प्रसाद मौर्य की ओर से ऐसी राजनीतिक बयानबाजी बंद हो गई।

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उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के जितने भी विरोधी नेता हैं, वे PDA की ताकत से हार चुके हैं। उनके अनुसार, केशव प्रसाद मौर्य, संजय निषाद के पुत्र, ओम प्रकाश राजभर के पुत्र, दारा सिंह चौहान सहित कई दिग्गज भाजपा नेता चुनाव हार चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा PDA के सामने हारकर आधे से भी कम सीटों पर सिमट गई थी। इसी प्रकार वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा सिमट कर रह जाएगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि छोटेलाल खरवार का यह बयान आगामी चुनावी समीकरणों और उत्तर प्रदेश की राजनीति में नए गठबंधन संकेतों के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि, ओम प्रकाश राजभर और संजय निषाद की ओर से इस प्रस्ताव पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

रिपोर्ट : अमित मिश्रा, सोनभद्र

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