CJP Protest: ‘धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हुआ तो सख्त फैसला लेंगे’, तीसरे दौर की वार्ता से पहले CJP का अल्टीमेटम
सरकार और CJP के बीच तीसरे दौर की बातचीत से पहले संगठन ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई। NTA अधिकारियों को हटाने पर भी उठाए सवाल।
CJP Protest: NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जारी CJP के आंदोलन के बीच सरकार और संगठन के बीच आज तीसरे दौर की बातचीत होनी है। बैठक से पहले CJP ने अपने रुख को और सख्त करते हुए साफ कहा है कि यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हुआ, तो संगठन आगे कड़े फैसले लेने के लिए मजबूर होगा।
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पिछले दौर की बैठक में कुछ मुद्दों पर सकारात्मक प्रगति जरूर हुई, लेकिन आंदोलन की सबसे बड़ी मांग अब भी शिक्षा मंत्री का इस्तीफा है।
‘धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर जवाब दे सरकार’
आशुतोष रांका ने कहा कि यदि सरकार पहले से ही यह तय कर चुकी है कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे, तो फिर लगातार बैठकों का कोई औचित्य नहीं रह जाता। उन्होंने सरकार से इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की ताकि संगठन अपनी आगे की रणनीति तय कर सके।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार इसी रुख पर कायम रहती है तो CJP को भी आंदोलन को लेकर सख्त फैसले लेने पड़ेंगे।
दूसरे दौर की बैठक को बताया सकारात्मक
रांका के मुताबिक, 24 जुलाई को हुई दूसरे दौर की वार्ता में NEET से जुड़े कानूनी मुद्दों और प्रभावित छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने जैसे विषयों पर सकारात्मक बातचीत हुई थी। उन्होंने दावा किया कि इन मुद्दों पर सिद्धांत रूप में सहमति बनने के संकेत मिले हैं।
NTA के 47 अधिकारियों को हटाने पर उठाए सवाल
हाल ही में NTA के 47 अधिकारियों को हटाए जाने की खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए CJP ने कहा कि केवल अधिकारियों को हटाना पर्याप्त नहीं है। संगठन ने पूछा कि किन अधिकारियों को हटाया गया, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई और इसका आधार क्या है। CJP का कहना है कि पूरी जानकारी सामने आने के बाद ही इस फैसले का मूल्यांकन किया जा सकता है।
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आज होगी तीसरे दौर की अहम बैठक
सरकार और CJP के बीच तीसरे दौर की बातचीत में केंद्र की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह शामिल होंगे। वहीं CJP की तरफ से आशुतोष रांका और सौरव दास संगठन का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक में आंदोलन की प्रमुख मांगों पर सरकार अपना रुख स्पष्ट कर सकती है।
तीसरे दौर की बातचीत से पहले CJP ने अपने तेवर और कड़े कर दिए हैं। संगठन का कहना है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा आंदोलन की प्रमुख मांग है और इस पर सरकार का फैसला आगे की रणनीति तय करेगा। अब सबकी नजर आज होने वाली बैठक पर टिकी है, जहां यह स्पष्ट हो सकता है कि बातचीत समाधान की ओर बढ़ती है या टकराव और गहरा होता है।



