CM Vijay: CM विजय के खिलाफ नया राजनीतिक समीकरण! DMK और EPS की रणनीति से बढ़ सकती है TVK की मुश्किलें
CM Vijay: तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विजय की अगुवाई वाली TVK सरकार के खिलाफ विपक्ष नए समीकरण तलाशता नजर आ रहा है। इसी बीच AIADMK महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) ने ऐसा बयान दिया है जिसने राज्य की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।
चेन्नई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ईपीएस ने कहा कि उनकी पार्टी TVK के खिलाफ है और जो भी दल इस लड़ाई में साथ आना चाहता है, उसका स्वागत है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर DMK भी उनके गठबंधन में शामिल होना चाहे तो उसका स्वागत किया जाएगा। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
DMK और AIADMK के बीच गठबंधन की चर्चा क्यों?
तमिलनाडु की राजनीति में DMK और AIADMK दशकों से एक-दूसरे के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी रहे हैं। ऐसे में ईपीएस का यह बयान बेहद अहम माना जा रहा है। हालांकि DMK पहले ही AIADMK के साथ किसी औपचारिक बातचीत से इनकार कर चुकी है, लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि TVK के बढ़ते प्रभाव ने पुराने समीकरणों को बदलने पर मजबूर कर दिया है।
इस साल हुए विधानसभा चुनाव के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। कांग्रेस ने DMK से अलग होकर विजय की पार्टी TVK का साथ दिया और नई सरकार के गठन में भूमिका निभाई। इसके बाद से विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है।
विजय सरकार पर ईपीएस के गंभीर आरोप
ईपीएस ने TVK सरकार पर भ्रष्टाचार, महंगाई, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और किसानों की अनदेखी जैसे कई आरोप लगाए। उनका कहना है कि विधानसभा में विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों का मुख्यमंत्री विजय सीधे जवाब नहीं दे रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार के कार्यकाल में कई वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं, लेकिन जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं की गई।
विधानसभा में बढ़ा टकराव
हाल के दिनों में तमिलनाडु विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ा है। मुख्यमंत्री विजय की कुछ टिप्पणियों के विरोध में DMK विधायकों ने प्रदर्शन किया था, जिससे सदन की कार्यवाही भी प्रभावित हुई। इस घटनाक्रम ने साफ संकेत दिया है कि राज्य की राजनीति आने वाले समय में और अधिक आक्रामक हो सकती है।
क्या TVK के लिए बढ़ रही है चुनौती?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि विपक्षी दल किसी साझा रणनीति पर काम करते हैं तो मुख्यमंत्री विजय के लिए राजनीतिक चुनौती बढ़ सकती है। हालांकि फिलहाल किसी औपचारिक गठबंधन की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन ईपीएस का बयान यह संकेत जरूर देता है कि विपक्ष TVK को घेरने के लिए नए विकल्प तलाश रहा है।
आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या DMK और AIADMK के बीच किसी तरह की रणनीतिक समझ बनती है या फिर तमिलनाडु की राजनीति अपने पारंपरिक मुकाबले की दिशा में ही आगे बढ़ती है। फिलहाल इतना तय है कि मुख्यमंत्री विजय की सरकार पर विपक्ष का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
written By Siddhi Srivastava



