Hanoi/Vientiane-भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति को नई धार, विदेश राज्य मंत्री मार्गेरिटा के वियतनाम-लाओस दौरे में बढ़ा सहयोग
Hanoi/Vientiane: India's 'Act East' policy gets a new edge, says Minister of State for External Affairs Margherita
Hanoi/Vientiane-भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति को मजबूत करने के उद्देश्य से विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा इन दिनों वियतनाम, लाओ पीडीआर और पलाऊ की आधिकारिक यात्रा पर हैं। 26 अगस्त से शुरू हुआ उनका आठ दिवसीय दौरा 2 सितंबर तक चलेगा। यात्रा के दौरान दक्षिण-पूर्व एशिया और प्रशांत क्षेत्र के देशों के साथ भारत के रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
दौरे के पहले चरण में वियतनाम पहुंचे मार्गेरिटा ने हनोई में प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग से मुलाकात की। बैठक में भारत-वियतनाम संबंधों को और व्यापक बनाने के साथ रक्षा सहयोग, डिजिटल कनेक्टिविटी और व्यापार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच ‘बेहतर व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ को जमीन पर और प्रभावी तरीके से लागू करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
मार्गेरिटा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से वियतनामी प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच हाल के उच्चस्तरीय संपर्कों का भी उल्लेख किया और भारत-वियतनाम संबंधों को और मजबूत करने के लिए मार्गदर्शन के लिए वियतनामी प्रधानमंत्री का आभार जताया।
पर्यटन और सांस्कृतिक रिश्तों पर भी जोर
विदेश राज्य मंत्री ने वियतनाम एकेडमी ऑफ सोशल साइंसेज में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारत-वियतनाम ‘बेहतर व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ विषय पर मुख्य संबोधन दिया। इसके अलावा उन्होंने हनोई में वियतनाम के प्रमुख टूर ऑपरेटरों से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच पर्यटन को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर चर्चा की।
यात्रा के दौरान उन्होंने वियतनाम में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की और दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान की सराहना की। मार्गेरिटा ने फ़ाप वान पगोडा का दौरा कर मुख्य मठाधीश से बातचीत की। इस दौरान भारत और वियतनाम के बीच साझा बौद्ध विरासत को दोनों देशों के संबंधों की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में रेखांकित किया गया।
लाओस के साथ 70 साल पुराने रिश्तों पर मंथन
यात्रा के दूसरे चरण में मार्गेरिटा लाओ पीडीआर पहुंचे। यहां भारत और लाओस के बीच राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित संयुक्त सेमिनार में उन्होंने हिस्सा लिया।
अपने संबोधन में उन्होंने दोनों देशों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख किया। बौद्ध परंपरा से जुड़े साझा विरासत के अलावा कृषि, क्षमता निर्माण, डिजिटल बुनियादी ढांचे और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई गई।
यात्रा के अंतिम चरण में विदेश राज्य मंत्री पलाऊ जाएंगे। वहां प्रशांत द्वीपीय देशों के संगठन (पीआईएफ) के नेताओं के साथ संवाद प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि यह दौरा दक्षिण-पूर्व एशिया से लेकर प्रशांत क्षेत्र तक भारत की कूटनीतिक सक्रियता और ‘एक्ट ईस्ट’ नीति को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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रिपोर्ट: शाश्वत तिवारी



