Defence News : किराना हिल्स पर भारत ने नहीं किया था हमला, ऑपरेशन सिंदूर में लूटेरिंग म्यूनिशन के गलती से गिरने का दावा
Defence News : पूर्व CDS जनरल अनिल चौहान ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने किराना हिल्स के परमाणु प्रतिष्ठान को निशाना नहीं बनाया था। एक लूटेरिंग म्यूनिशन लक्ष्य नहीं मिलने पर वहां गिरा।

Defence News : ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के किराना हिल्स स्थित कथित परमाणु प्रतिष्ठान को भारत ने निशाना नहीं बनाया था। पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने मंगलवार को कहा कि भारतीय सेना द्वारा इस्तेमाल किया गया एक लूटेरिंग म्यूनिशन (Loitering Munition) लक्ष्य नहीं मिलने के बाद अनजाने में किराना हिल्स से टकरा गया था।
जनरल चौहान के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सरगोधा के आसपास रडार ठिकानों को निशाना बनाने के लिए बड़ी संख्या में लूटेरिंग म्यूनिशन भेजे गए थे। किराना हिल्स सरगोधा से करीब 10 किलोमीटर उत्तर में स्थित है।
लक्ष्य नहीं मिलने पर पहाड़ी से टकराया हथियार
पूर्व CDS ने बताया कि लूटेरिंग म्यूनिशन को एक निश्चित समय तक इलाके में लक्ष्य की तलाश करने के लिए डिजाइन किया जाता है। सरगोधा के आसपास रडार लक्ष्य नहीं मिलने की स्थिति में एक हथियार अपनी निर्धारित अवधि पूरी करने के बाद किसी स्थान पर गिर गया और वह किराना हिल्स से टकरा गया।
उन्होंने कहा कि हथियारों को सरगोधा क्षेत्र में रडार खोजने के लिए भेजा गया था। लक्ष्य नहीं मिलने पर उनमें से एक किराना हिल्स से टकराया होगा। हालांकि, यह घटना किसी पूर्व नियोजित हमले का हिस्सा नहीं थी।
पहले भी भारत ने किराना हिल्स को निशाना बनाने से किया था इनकार
किराना हिल्स को लेकर मई 2025 में भी सवाल उठे थे। उस समय एयर मार्शल एके भारती ने स्पष्ट किया था कि भारतीय सशस्त्र बलों ने किराना हिल्स स्थित परमाणु प्रतिष्ठान को निशाना नहीं बनाया था।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया था कि भारत ने सरगोधा स्थित मुशफ एयरबेस पर हमला किया है और किराना हिल्स के नीचे कथित परमाणु भंडारण से जुड़े ठिकाने को निशाना बनाया गया है। भारतीय वायुसेना ने उस समय भी ऐसे दावों से इनकार किया था।
7 मई 2025 को शुरू हुआ था ऑपरेशन सिंदूर
भारत ने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। सरकार के अनुसार, इस अभियान के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकी ढांचे को निशाना बनाया गया था।
इसके बाद पाकिस्तान की ओर से जवाबी कार्रवाई की कोशिशें हुईं। 10 मई को दोनों देशों की सेनाओं के बीच संपर्क के बाद संघर्षविराम को लेकर सहमति बनी थी।



