Hardoi News :महिला अस्पताल आना तो कंबल साथ लाना
Hardoi News :स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतरी के दावे तो किए जा रहे हैं, लेकिन सर्दी से निपटने के इंतजाम मेडिकल काॅलेज से संबद्ध जिला महिला अस्पताल में नजर नहीं आ रहे। अस्पताल के वार्डाें में भर्ती महिला मरीजों को अस्पताल प्रशासन ने कंबल तक नहीं उपलब्ध कराया। अधिकांश मरीज घरों से लाए कंबलों का ही इस्तेमाल कर रहे हैं। मतलब यह कि अस्पताल आएं तो कंबल साथ लाएं।मेडिकल काॅलेज से संबद्ध जिला महिला चिकित्सालय में हर रोज बड़ी संख्या में महिलाएं भर्ती होती हैं। कुछ महिलाएं प्रसव के लिए भर्ती होती हैं और प्रसव के बाद भी औसतन तीन दिन तक अस्पताल में भर्ती रहती हैं। भीषण सर्दी पड़ रही है, लेकिन अलग-अलग वार्डाें में भर्ती महिलाओं को सर्दी से राहत दिलाने के कोई इंतजाम नहीं हैं।हाल यह है कि अधिकांश महिला मरीजों को कंबल ही नहीं मिले हैं। कुछ महिलाओं को कंबल मिले हैं, लेकिन इतने पतले हैं कि इनसे राहत नहीं मिलती। ऐसे में महिला मरीज अपने-अपने घरों से कंबल मंगवाती हैं। खुद के लाए हुए कंबल से ही महिला मरीजों को राहत मिल पाती है।
Hardoi News :also read –Makar Sankranti 2024 : मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है ? जानें धार्मिक महत्व
अस्पताल ने नहीं दिए कंबल
बिलग्राम निवासी राजीव की पत्नी आकांक्षा को प्रसव के बाद महिला चिकित्सालय के वार्ड-43 में भर्ती किया गया है। उनको अस्पताल की तरफ से कोई कंबल नहीं मिला तो तीमारदार घर से ही कंबल ले आए। वह यहां शुक्रवार से भर्ती हैं।
रिश्तेदार के घर से लेकर आए कंबल
सकाहा के धर्मवीर की पत्नी रूबी भी महिला अस्पताल के वार्ड-43 में भर्ती हैं। शुक्रवार से भर्ती रूबी को अस्पताल प्रशासन की ओर से सर्दी से राहत देने के लिए कंबल उपलब्ध नहीं कराया गया। शहर में ही रहने वाले रिश्तेदार के यहां से तीमारदार उनके लिए कंबल लेकर आए।
घर से मंगाना पड़ा कंबल
बरखेरा के रहने वाले दीपक की पत्नी विमला शुक्रवार की रात महिला अस्पताल के वार्ड-44 में भर्ती की गई हैं। उनको भी जिला अस्पताल से कोई कंबल नहीं मिला। उनका गांव शहर से लगभग 12 किलोमीटर दूर है। परिजन वापस गांव गए और उनके लिए कंबल लेकर आए।