Pryagraj News-अतीक अहमद के बेटे अली और उमर को मिली पैरोल, भाई अबान के अंतिम संस्कार में होंगे शामिल
Prayagraj News: Atiq Ahmed's sons Ali and Umar granted parole; will attend brother Aban's last rites.
Pryagraj News-इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिवंगत अबान अहमद के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए अतीक अहमद के जेल में बंद बेटों अली अहमद और उमर अहमद को पैरोल की अनुमति दे दी है। अबान की हाल ही में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। अदालत ने दोनों को पैरोल देते हुए सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर कई सख्त शर्तें भी तय की हैं।
कोर्ट के निर्देश के मुताबिक, अली और उमर को संबंधित जेलों से कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच सीधे प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान ले जाया जाएगा। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों को वापस जेल पहुंचाया जाएगा।
एक घंटे तक परिवार से मिलने की अनुमति
अदालत ने दोनों भाइयों को अपने छोटे भाई अहजाम और बुआ परवीन कुरैशी से करीब एक घंटे तक मुलाकात की अनुमति भी दी है। मुलाकात कहां होगी, इसका निर्धारण पुलिस अधिकारियों द्वारा किया जाएगा।
यह पैरोल परवीन कुरैशी की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई के बाद दी गई। याचिका में मांग की गई थी कि अली और उमर को अपने छोटे भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने का अवसर दिया जाए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुए दोनों भाई
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति डीसी सामंत की पीठ ने की। सुनवाई के दौरान अदालत ने अली और उमर को क्रमश: झांसी और लखनऊ की जेलों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश करने का निर्देश दिया।
कोर्ट के सामने दोनों भाइयों ने बताया कि याचिकाकर्ता उनकी बुआ हैं। उन्होंने अपने छोटे भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति मांगी और अदालत को भरोसा दिलाया कि पैरोल के दौरान लगाई जाने वाली सभी शर्तों का पालन करेंगे।
मीडिया और सार्वजनिक गतिविधियों पर रोक
अली और उमर की ओर से अदालत में वचन पत्र भी दिया गया। इसमें कहा गया कि अंतिम संस्कार के दौरान वे मीडिया से बातचीत नहीं करेंगे और सोशल मीडिया पर किसी तरह की गतिविधि नहीं करेंगे। इसके अलावा वे किसी सार्वजनिक सभा को संबोधित नहीं करेंगे और अंतिम संस्कार के धार्मिक कार्यक्रम के अलावा किसी अन्य गतिविधि में शामिल नहीं होंगे।
राज्य सरकार की ओर से सरकारी अधिवक्ता पतंजलि मिश्रा ने भी अदालत से अनुरोध किया कि दोनों को ऐसी किसी गतिविधि से दूर रखने के निर्देश दिए जाएं, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दोनों कैदियों को जेल से बाहर लाने, अंतिम संस्कार में शामिल कराने और वापस जेल पहुंचाने के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी होगी।
8 अगस्त को होगा अंतिम संस्कार
अदालत को बताया गया कि अबान अहमद का अंतिम संस्कार 8 अगस्त की रात करीब 8 बजे कसारी-मसारी कब्रिस्तान में किया जाएगा। कोर्ट ने निर्देश दिया कि अली और उमर को जेल से सीधे कब्रिस्तान ले जाया जाए और अंतिम संस्कार के बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया जाए।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम संस्कार में दोनों केवल धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हो सकेंगे। उन्हें किसी अन्य व्यक्ति से संपर्क करने या किसी अन्य कार्यक्रम में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं होगी।
सड़क हादसे में हुई थी अबान की मौत
पुलिस के अनुसार, अबान अहमद अपने कुछ दोस्तों के साथ अपने भाई अली से मिलने झांसी जा रहा था। इसी दौरान झांसी जिले के खिल्ली गांव के पास सड़क हादसा हो गया, जिसमें उसकी मौत हो गई।
अबान को कसारी-मसारी कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा। इसी कब्रिस्तान में अतीक अहमद, अशरफ और अतीक के बेटे असद की कब्रें भी मौजूद हैं।



