Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर फिर गरजे अवधेश प्रसाद, बोले- यह चोरी नहीं, करोड़ों लोगों की आस्था पर डाका
अयोध्या सांसद ने सरकार को घेरा, कहा- मामला सिर्फ उत्तर प्रदेश का नहीं बल्कि देश और दुनिया के करोड़ों राम भक्तों की भावनाओं से जुड़ा है
Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ा कथित चोरी का मामला अब पूरी तरह राजनीतिक मुद्दा बनता नजर आ रहा है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले इस मामले को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। समाजवादी पार्टी के अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद ने एक बार फिर इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी और राज्य सरकार को घेरते हुए इसे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताया।
उन्होंने कहा कि यह किसी सामान्य चोरी का मामला नहीं है, बल्कि करोड़ों राम भक्तों की भावनाओं और विश्वास पर सीधा आघात है।
‘यह सिर्फ चोरी नहीं, आस्था पर डाका है’
मीडिया से बातचीत के दौरान अवधेश प्रसाद ने कहा कि भगवान श्रीराम के मंदिर में हुई कथित गड़बड़ी को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उनके अनुसार मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा श्रद्धा और विश्वास के साथ चढ़ाया गया दान करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि,
“यह कोई मामूली चोरी नहीं है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर डाका पड़ा है। इसे केवल आर्थिक नुकसान के रूप में नहीं देखा जा सकता।”
सपा सांसद ने यह भी कहा कि अयोध्या केवल उत्तर प्रदेश का धार्मिक केंद्र नहीं, बल्कि पूरे देश और दुनिया भर के राम भक्तों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में इस तरह की घटना बेहद चिंताजनक है।
सरकार पर साधा निशाना
अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले की जिम्मेदारी सरकार की है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु भगवान राम के दर्शन करने पहुंचते हैं और मंदिर में श्रद्धा के साथ चढ़ावा चढ़ाते हैं। ऐसे में दान की सुरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित संस्थाओं और प्रशासन की जिम्मेदारी है।
उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो ताकि श्रद्धालुओं का भरोसा कायम रहे।
इससे पहले अखिलेश यादव ने भी उठाए थे सवाल
इससे पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमला बोल चुके हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरों पर सवाल उठाते हुए कहा था कि अगर मुख्यमंत्री लगातार मंदिर का दौरा कर रहे थे, तो फिर कथित अनियमितताओं की जानकारी उन्हें कैसे नहीं मिली।
अखिलेश यादव ने यह भी दावा किया कि एसआईटी की जांच में सीसीटीवी फुटेज के साथ छेड़छाड़ जैसी बातें सामने आई हैं। उन्होंने पूरे मामले की पारदर्शी जांच की मांग की।
सरकार ने दिया कार्रवाई का भरोसा
वहीं, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे प्रकरण की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार और अपराध के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम करती है। जांच पूरी होने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
अब तक क्या हुई कार्रवाई?
मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद नामजद सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अदालत ने उन्हें 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
इसी बीच, मामले के तूल पकड़ने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने भी अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।
राजनीतिक बहस तेज
राम मंदिर चढ़ावा विवाद अब केवल कानूनी जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह राजनीतिक बहस का भी बड़ा विषय बन गया है। विपक्ष जहां सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है, वहीं सरकार निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दे रही है। अब सभी की नजर जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि कथित अनियमितताओं के पीछे वास्तविक जिम्मेदार कौन हैं।



