Ayodhya: राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: आरोपियों को मिला सरकारी वकील, अगले सप्ताह से अधिवक्ता कुलशेखर सिंह करेंगे पैरवी
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आरोपियों को अब कानूनी सहायता उपलब्ध कराई गई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने आरोपियों के बचाव के लिए अधिवक्ता कुलशेखर सिंह को नियुक्त किया है। जानकारी के अनुसार, वे अगले सप्ताह से अदालत में आरोपियों की ओर से पैरवी शुरू कर सकते हैं।
इससे पहले फैजाबाद बार एसोसिएशन ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया था कि उसके सदस्य इस मामले में किसी भी आरोपी की ओर से मुकदमा नहीं लड़ेंगे। बार एसोसिएशन ने यह भी कहा था कि यदि कोई सदस्य इस फैसले का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें आर्थिक दंड और सदस्यता समाप्त करने जैसे कदम शामिल हो सकते हैं।
इसी स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने आरोपियों को संविधान और कानून के तहत उपलब्ध निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया। इसी क्रम में अधिवक्ता कुलशेखर सिंह को बचाव पक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कुलशेखर सिंह ने बताया कि वे फैजाबाद बार एसोसिएशन के सदस्य नहीं हैं, इसलिए वे स्वतंत्र रूप से इस मामले की पैरवी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आरोपी को कानून के अनुसार निष्पक्ष सुनवाई और बचाव का अधिकार प्राप्त है और वे उसी संवैधानिक दायित्व का निर्वहन करेंगे।
उल्लेखनीय है कि भारतीय न्याय व्यवस्था में प्रत्येक आरोपी को, आरोपों की गंभीरता चाहे जो भी हो, निष्पक्ष सुनवाई और कानूनी प्रतिनिधित्व का अधिकार प्राप्त है। यदि कोई आरोपी निजी वकील नियुक्त करने में सक्षम नहीं होता, तो राज्य सरकार उसके लिए कानूनी सहायता उपलब्ध कराती है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच फिलहाल जारी है। जांच एजेंसियां कथित वित्तीय अनियमितताओं और आरोपियों की भूमिका से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही हैं। वहीं, अब अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से भी कानूनी दलीलें पेश की जाएंगी।



