Kashi News : ‘काशी में विकसित भारत–जी राम जी पंच सम्मेलन’, केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम विकास का रोडमैप तैयार करने का किया आह्वान
Kashi News : काशी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित प्रथम ‘विकसित भारत–जी राम जी’ पंच सम्मेलन में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम विकास का रोडमैप तैयार करने का आह्वान किया। सम्मेलन में चार राज्यों के करीब 500 ग्राम प्रधान शामिल हुए।
Kashi News : काशी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में गुरुवार को आयोजित प्रथम ‘विकसित भारत–जी राम जी’ पंच सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम विकास को विकसित भारत की आधारशिला बताते हुए प्रत्येक ग्राम पंचायत से अपने गांव के समग्र विकास का रोडमैप तैयार करने का आह्वान किया। सम्मेलन में उत्तर प्रदेश समेत चार राज्यों के लगभग 500 ग्राम प्रधानों ने भाग लिया, जिनमें करीब 350 प्रधान उत्तर प्रदेश से शामिल थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने कहा कि ‘विकसित भारत–जी राम जी’ केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त बनाने का राष्ट्रीय संकल्प है। उन्होंने कहा कि यदि ग्राम पंचायतें दूरदृष्टि के साथ योजनाएं तैयार करें तो गांवों में आधारभूत सुविधाओं के साथ-साथ स्थायी विकास का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
गांवों के लिए भी बने विकास का मास्टर प्लान
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जिस प्रकार शहरों के विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जाता है, उसी तरह प्रत्येक गांव के समग्र विकास के लिए भी सुनियोजित कार्ययोजना बनाई जानी चाहिए। उन्होंने ग्राम प्रधानों से गांवों को सुविधायुक्त, आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के लिए दीर्घकालिक विकास योजना तैयार करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ग्रामीण विकास के लिए समन्वित रूप से कार्य कर रही हैं और वर्तमान समय गांवों के सर्वांगीण विकास का स्वर्णिम अवसर है।
पीएम गतिशक्ति और जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम गतिशक्ति पोर्टल के माध्यम से विकास परियोजनाओं में बेहतर समन्वय और पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में दोहराव की संभावना कम हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना और आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं से गरीब और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में व्यापक बदलाव आया है। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के कारण आर्थिक अभाव अब उपचार में बड़ी बाधा नहीं बन रहा है। साथ ही प्रदेश में वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ भी दिया जा रहा है।
महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जोर
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों और ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाओं ने ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण को नई दिशा दी है। उन्होंने बताया कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए गांवों में समूह आधारित लघु उद्योगों की स्थापना को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी से मुक्त पारदर्शी व्यवस्था के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है। साथ ही आधारभूत संरचना और कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
केंद्र से मनरेगा मजदूरी और आवास सहायता बढ़ाने का अनुरोध
उपमुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी 300 रुपये से अधिक करने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत प्रति आवास सहायता राशि 1.20 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये किए जाने का अनुरोध किया है।
कार्यक्रम के पहले सत्र में ग्रामीण विकास मंत्रालय की संयुक्त सचिव रोहिणी आर. भाजीभाकरे ने ‘विकसित भारत–जी राम जी’ अभियान के उद्देश्यों, प्रमुख प्रावधानों और क्रियान्वयन की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने ग्राम प्रधानों के सवालों के जवाब देते हुए योजनाओं के प्रभावी संचालन से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की।
सम्मेलन के दौरान ग्रामीण विकास एवं पंचायतों की उपलब्धियों पर आधारित एक कॉफी टेबल बुक का लोकार्पण किया गया। आयुक्त ग्राम्य विकास जी.एस. प्रियदर्शी ने अतिथियों का वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) उत्पाद भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम के अंत में उपमुख्यमंत्री ने सभी ग्राम प्रधानों से विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने और अपने गांवों के समग्र विकास का संकल्प लेने का आह्वान किया।



