लखनऊ नगर निगम मुख्यालय में कुर्की की कार्रवाई, नगर आयुक्त ऑफिस से कुर्सी-सोफा और इनवर्टर बाहर निकाला
लखनऊ नगर निगम मुख्यालय में 2.17 लाख रुपये के भुगतान विवाद में कोर्ट के आदेश पर कुर्की की कार्रवाई हुई। नगर आयुक्त कार्यालय से कुर्सी, सोफा और इनवर्टर बाहर निकाले गए।
लखनऊ: राजधानी में स्थित Lucknow Municipal Corporation मुख्यालय में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया जब सिविल कोर्ट के आदेश पर कुर्की की कार्रवाई के लिए पुलिस और न्यायालय की टीम पहुंच गई। टीम ने नगर आयुक्त कार्यालय में कार्रवाई करते हुए कुर्सी, सोफा और इनवर्टर जैसे सामान बाहर निकलवा दिए।
जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई लगभग 2.17 लाख रुपये के भुगतान विवाद को लेकर की गई। मामला एक एनजीओ और नगर निगम के बीच लंबे समय से चल रहा था। कोर्ट के आदेश के बाद भी भुगतान नहीं होने पर न्यायालय ने कुर्की का आदेश जारी किया।
गंगा संस्थान के अधिवक्ता विवेक मिश्रा के अनुसार संस्था कैसरबाग इलाके में शेल्टर होम संचालित कर रही थी। संस्था का दावा है कि सितंबर 2019 से शेल्टर होम का नवीनीकरण नहीं किया गया और संचालन से जुड़ी बकाया राशि का भी भुगतान नहीं किया गया। इसको लेकर मामला अदालत पहुंचा, जहां अदालत ने नगर निगम को करीब 2,17,000 रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया था।
अदालत के आदेश का पालन नहीं होने पर मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे सिविल कोर्ट की टीम नगर निगम मुख्यालय पहुंची। टीम में अमीन, लालबाग पुलिस चौकी का पुलिस बल और संस्था के प्रतिनिधि शामिल थे। पहले अधिकारियों से बातचीत की गई, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर टीम ने नगर आयुक्त कार्यालय से टेबल, कुर्सी, सोफा और इनवर्टर बाहर निकालकर कुर्की की प्रक्रिया शुरू कर दी।
इस दौरान मौके पर मौजूद वकीलों और पुलिस के बीच कुछ देर के लिए बहस भी हुई। बाद में अधिकारियों के आश्वासन और कुछ उच्च स्तर के फोन आने के बाद टीम ने शाम करीब चार बजे कार्रवाई रोक दी। इसके बाद निकाला गया सामान दोबारा कार्यालय में रख दिया गया।
बताया जा रहा है कि अदालत ने आदेश दिया है कि यदि भुगतान नहीं किया जाता है तो नगर निगम मुख्यालय से 10 कंप्यूटर, 10 मेज, 50 कुर्सियां और 25 अलमारियां कुर्क कर संस्था को सौंपे जा सकते हैं। साथ ही कार्रवाई के दौरान संस्था के प्रतिनिधियों को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक मामले में अब दो सप्ताह बाद अगली तारीख तय की जाएगी। यदि इस अवधि में भुगतान नहीं किया गया तो फिर से कुर्की की कार्रवाई हो सकती है।



