शिक्षा क्षेत्र में प्रशासनिक नवाचार का डंका : सोनभद्र के बीएसए मुकुल आनंद पाण्डेय राष्ट्रीय स्तर पर होंगे सम्मानित

सोनभद्र के बीएसए मुकुल आनंद पाण्डेय को शिक्षा प्रशासन में नवाचार और निपुण भारत मिशन मॉनिटरिंग डैशबोर्ड के लिए राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार हेतु चुना गया। जानें पूरी खबर।

संजय द्विवेदी

सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के लिए यह अत्यंत गौरव का क्षण है। शिक्षा क्षेत्र में शैक्षणिक प्रशासन में नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रदेश के नौ नवाचारी शिक्षा अधिकारियों का चयन राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार हेतु किया गया है। राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान, नई दिल्ली के प्रस्ताव पर शासन ने इन अधिकारियों को पुरस्कार ग्रहण करने के लिए अनापत्ति प्रमाण-पत्र और सतर्कता अनापत्ति प्रदान कर दी है। इस सूची में सोनभद्र जनपद ने भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।

बताया जा रहा है कि वर्तमान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनन्द पाण्डेय को वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान किए गए प्रशासनिक नवाचारों के लिए सम्मानित किया जाएगा। जनपद के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि इससे पूर्व डॉ. गोरखनाथ पटेल (पूर्व बीएसए, सोनभद्र) को भी उनके कार्यकाल में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल नवाचार के लिए सम्मानित किया जा चुका है।

जटिल प्रक्रिया के बाद हुआ चयन

इस पुरस्कार की चयन प्रक्रिया अत्यंत जटिल और बहुस्तरीय होती है। सबसे पहले प्राप्त आवेदनों की प्रारंभिक स्क्रीनिंग की जाती है, उसके बाद विशेषज्ञों की टीम के समक्ष नवाचारों का प्रस्तुतीकरण करना होता है। मुकुल आनन्द पाण्डेय ने जुलाई 2025 में आयोजित ऑनलाइन प्रस्तुतीकरण के दौरान अपने प्रोजेक्ट के माध्यम से विशेषज्ञों को प्रभावित किया। उनके इस प्रोजेक्ट के परिणामस्वरूप आकांक्षी जनपद सोनभद्र को शिक्षा श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।

जिले की ओर से प्रस्तुत “निपुण भारत मिशन की मॉनिटरिंग हेतु विकसित डैशबोर्ड” को एक नवाचारपूर्ण और दोहराए जा सकने वाले मॉडल के रूप में सराहा गया। इस पहल का उद्देश्य परिषदीय विद्यालयों में छात्रों के अधिगम स्तर में सुधार लाना और उसकी सतत निगरानी सुनिश्चित करना था। इस डैशबोर्ड के निर्माण में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) सोनभद्र का तकनीकी सहयोग मिला, जबकि विभाग के शिक्षक डॉ. सूर्य प्रकाश ने इसे साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

“निपुण भारत मिशन” मॉनिटरिंग डैशबोर्ड बना मिसाल

थर्ड पार्टी सर्वेक्षण और डेटा भी इस नवाचार के सकारात्मक परिणामों की पुष्टि करते हैं। डैशबोर्ड के माध्यम से कक्षावार लक्ष्य तय कर उपचारात्मक शिक्षण सुनिश्चित किया गया, जिससे छात्रों की उपस्थिति दर में वृद्धि हुई और ड्रॉपआउट दर में कमी आई। इसी प्रभावी मॉनिटरिंग का परिणाम रहा कि निपुण छात्र मूल्यांकन परीक्षा 2024 में सोनभद्र ने पूरे प्रदेश में छठा स्थान प्राप्त किया।

अन्य अधिकारियों का भी चयन

इस सम्मान के लिए सीतापुर के बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह, कौशाम्बी के डॉ. कमलेन्द्र कुमार कुशवाहा और कन्नौज के संदीप कुमार का भी चयन हुआ है। वहीं ब्लॉक स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले खण्ड शिक्षा अधिकारियों में मोहम्मद राशिद (गौतमबुद्धनगर), बबीता सिंह (रामपुर), डॉ. ब्रजेश कुमार त्रिपाठी (हरदोई), क्षमा शंकर पाण्डेय (प्रयागराज) और संजय कुमार यादव (वाराणसी) शामिल हैं।

इस उपलब्धि पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनन्द पाण्डेय ने इसका श्रेय जनपद के समस्त शिक्षकों और खण्ड शिक्षा अधिकारियों को दिया। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयास और डेटा आधारित निगरानी प्रणाली के कारण विषम परिस्थितियों में भी छात्रों के अधिगम स्तर को बेहतर करने में सफलता मिली और निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई।

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