UP News : ‘पीएम आवास योजना की पहली किस्त जारी’, सीएम योगी बोले – माफिया की जमीन पर बनेंगे हाईराइज आवास
UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीएम आवास योजना 2.0 के तहत 90 हजार लाभार्थियों को 900 करोड़ की पहली किस्त जारी की। माफिया की कब्जाई जमीनों पर गरीबों के लिए हाईराइज आवास बनाने की घोषणा।
UP News : मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने सोमवार को Pradhan Mantri Awas Yojana (PMAY-Urban 2.0) के तहत बड़ी पहल करते हुए 90 हजार लाभार्थियों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 900 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिन माफियाओं ने वर्षों तक गरीबों का हक छीना और जमीनों पर कब्जा किया, अब उन्हीं संपत्तियों पर गरीबों के लिए हाईराइज आवास बनाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार “25 करोड़ जनता ही परिवार” की भावना के साथ बिना भेदभाव हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है। सरकार का उद्देश्य सिर्फ मकान देना नहीं, बल्कि गरीबों को सम्मानजनक जीवन देना है, जहां घर के साथ शौचालय, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध हों।
सीएम ने कहा कि हर व्यक्ति का सपना अपना घर होना है और इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री Narendra Modi ने आवास योजना को मिशन के रूप में आगे बढ़ाया। इसके परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश में अब तक करीब 62 लाख परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि 2017 से पहले आवास योजनाएं होने के बावजूद गरीबों तक उनका लाभ नहीं पहुंच पाता था, लेकिन अब सरकार ने पारदर्शिता के साथ योजनाओं को लागू किया है। माफियाओं से खाली कराई गई जमीनों पर अब गरीबों के लिए आवास विकसित किए जा रहे हैं। जिन लोगों के पास अपनी जमीन नहीं है, उनके लिए ऐसी भूमि पर बहुमंजिला आवासीय परियोजनाएं तैयार की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भविष्य में अधिवक्ताओं, चिकित्सकों, शिक्षकों और पत्रकारों के लिए भी विशेष आवासीय योजनाएं शुरू की जाएंगी।
प्रदेश के कई जिलों में लाभार्थियों ने पहली किस्त मिलते ही मकान निर्माण शुरू कर दिया है। सहारनपुर, प्रतापगढ़, शाहजहांपुर, प्रयागराज, गोरखपुर समेत कई जिलों में हजारों लोगों को इसका लाभ मिला है।
सीएम ने निर्देश दिया कि मकान का 75 प्रतिशत निर्माण पूरा होते ही लाभार्थियों को अगली किस्त भी तुरंत जारी की जाए, ताकि निर्माण कार्य में तेजी आए। उन्होंने कहा कि तकनीक के उपयोग से डीबीटी के जरिए राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंच रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हो गई है।



