Iran US conflict : ‘खार्ग द्वीप पर हमला’, ईरान के तेल ‘ताज के गहने’ पर अमेरिकी स्ट्राइक, बढ़ा वैश्विक तनाव

Iran US conflict : खार्ग द्वीप पर हमले से अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ा। जानिए क्यों यह द्वीप ईरान के तेल निर्यात के लिए बेहद अहम है और वैश्विक बाजार पर इसका क्या असर पड़ेगा।

Iran US conflict : ईरान के अहम तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप पर मंगलवार को कथित हमले की खबर सामने आई है, जिसने मध्य-पूर्व में जारी तनाव को और गहरा कर दिया है। ईरानी मीडिया आउटलेट मेहर न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, यह हमला अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे टकराव के बीच एक बड़ा सैन्य संकेत माना जा रहा है।

क्यों अहम है खार्ग द्वीप?

फारसी खाड़ी में स्थित यह छोटा द्वीप ईरान के लगभग 90% तेल निर्यात का केंद्र है। इसकी रणनीतिक स्थिति और उन्नत तेल टर्मिनल इंफ्रास्ट्रक्चर इसे ईरान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनाते हैं।
ईरान की उथली तटरेखा के कारण बड़े तेल टैंकर सीधे मुख्य भूमि पर नहीं आ सकते, जिससे खार्ग द्वीप की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यहां किसी भी तरह की रुकावट ईरान के तेल राजस्व को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है और इसका सीधा असर वैश्विक तेल कीमतों पर पड़ सकता है।

होरमुज़ जलडमरूमध्य पर बढ़ता संकट

तनाव के बीच होरमुज़ जलडमरूमध्य पर भी खतरा मंडरा रहा है, जो दुनिया के सबसे व्यस्त तेल मार्गों में से एक है। इस मार्ग से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है, और किसी भी बाधा से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारी उथल-पुथल हो सकती है।

ट्रंप की चेतावनी और बढ़ती सख्ती

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही खार्ग द्वीप को निशाना बनाने की चेतावनी दे चुके हैं। उन्होंने संकेत दिया था कि अमेरिका के पास कई सैन्य विकल्प मौजूद हैं, जिनमें इस द्वीप पर कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।

ट्रंप ने ईरान को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर उसने होरमुज़ जलडमरूमध्य को पूरी तरह नहीं खोला, तो उसे “गंभीर परिणाम” भुगतने होंगे। उन्होंने समय सीमा को कई बार बढ़ाने के बाद इसे अंतिम चेतावनी बताया है।

ईरान का सख्त रुख

ईरान ने संघर्ष-विराम के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। सरकारी एजेंसी IRNA के मुताबिक, तेहरान स्थायी समाधान चाहता है और दबाव में झुकने को तैयार नहीं है।

ईरानी नेतृत्व ने देशवासियों से अहम इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, लाखों लोग युद्ध के लिए तैयार होने की बात कर रहे हैं।

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