केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया मोड़, मुख्य आरोपी चेतन चौधरी के कर्मचारी से पुलिस की पूछताछ
पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। अब पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी चेतन चौधरी के कर्मचारी नीरज कुमार को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि हत्या की कथित साजिश को अंजाम देने या उसे छिपाने में नीरज की भूमिका हो सकती है।
26 वर्षीय कारोबारी केतन विशाल अग्रवाल की 18 जून को लोनावला स्थित लोहागढ़ किले से गिरकर मौत हो गई थी। शुरुआत में इसे एक दुर्घटना माना गया था, लेकिन परिवार की ओर से उठाए गए सवालों के बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ने पर कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिन्होंने इस मौत को कथित रूप से सुनियोजित हत्या का मामला बना दिया।
पुलिस के अनुसार, नीरज कुमार पिछले तीन वर्षों से चेतन चौधरी के प्रतिष्ठान में काम कर रहा है। अब यह जांच की जा रही है कि क्या उसकी जानकारी या संसाधनों का इस्तेमाल कथित साजिश के दौरान किया गया था।
जांच के दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड जैसे कई अहम डिजिटल सबूत मिले हैं। अधिकारियों का दावा है कि इन साक्ष्यों से घटना के पीछे पूर्व नियोजित योजना होने के संकेत मिले हैं।
मामले की जांच कर रही टीम यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना वाले दिन चेतन चौधरी ने ट्रैकिंग से बचने के लिए अपना मोबाइल फोन घर पर छोड़ दिया था या नहीं। पुलिस को संदेह है कि उसने कथित रूप से नीरज कुमार के फोन का इस्तेमाल कर सिया गोयल से संपर्क किया था। इसी पहलू को लेकर नीरज से विस्तार से पूछताछ की जा रही है।
जांच में एक और महत्वपूर्ण सुराग सीसीटीवी फुटेज से मिला। फुटेज में एक व्यक्ति गर्मी के मौसम के बावजूद हूडी पहने दिखाई दिया। उस दिन तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस बताया गया था। बाद में पुलिस ने उस व्यक्ति की पहचान चेतन चौधरी के रूप में की। अधिकारियों का मानना है कि पहचान छिपाने के उद्देश्य से ऐसा किया गया हो सकता है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच लंबे समय से करीबी संबंध थे। जांचकर्ताओं के मुताबिक, घटना से पहले दोनों के बीच दो हजार से अधिक फोन कॉल हुए थे। आरोप है कि दोनों ने एक कैफे में मुलाकात कर केतन की मौत को दुर्घटना का रूप देने की योजना पर चर्चा की थी।
मामले को और गंभीर बनाती है वह घटना, जो केतन की मौत से चार दिन पहले लोहागढ़ किले पर हुई थी। परिवार के अनुसार, उस दौरान भी केतन ने महसूस किया था कि किसी ने उन्हें पीछे से धक्का देने की कोशिश की थी। हालांकि उस समय वह झाड़ियों का सहारा लेकर बच गए थे।
केतन अग्रवाल और सिया गोयल की सगाई इसी वर्ष फरवरी में हुई थी और नवंबर में उनकी शादी तय थी। परिवार शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था। लेकिन जांच में यह दावा सामने आया है कि सिया और चेतन पिछले एक साल से अधिक समय से गुप्त रूप से रिश्ते में थे।
फिलहाल सिया गोयल और चेतन चौधरी दोनों को हत्या और आपराधिक साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है। अदालत ने दोनों को पुलिस हिरासत में भेज दिया है ताकि जांच एजेंसियां मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल कर सकें।
पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कई अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। इस मामले ने पूरे पुणे में चर्चा छेड़ दी है और लोग जांच के अंतिम निष्कर्ष का इंतजार कर रहे हैं।



