Ketan Agrawal Murder Case: केतन हत्याकांड में नया मोड़! सिया के माता-पिता से घंटों पूछताछ, मोबाइल फोन से मिले अहम सुराग
सिया के भाई के बयान के बाद पुलिस ने माता-पिता से की पूछताछ, जब्त मोबाइल FSL भेजे गए, डिप्टी एसपी ने जांच पर दिया बड़ा अपडेट
Ketan Agrawal Murder Case: चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। मामले में आरोपी सिया गोयल के भाई से पूछताछ के बाद अब पुलिस ने उसके माता-पिता से भी कई घंटों तक सवाल-जवाब किए हैं। जांच एजेंसियां इस बहुचर्चित हत्याकांड की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी हैं। वहीं, महाराष्ट्र पुलिस के डिप्टी एसपी गजानन टोम्पे ने जांच की प्रगति को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।
सिया के भाई के बयान के बाद माता-पिता से पूछताछ
सूत्रों के अनुसार, पुलिस पूछताछ में सिया गोयल के भाई ने बताया कि उसे अपनी बहन और चेतन चौधरी के कथित प्रेम संबंध की पहले से जानकारी थी। अब पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसने इस संबंध की जानकारी परिवार या किसी अन्य व्यक्ति को क्यों नहीं दी।
इसी क्रम में शनिवार को सिया गोयल के माता-पिता, प्रवीण गोयल और पूजा गोयल, लोनावाला पुलिस स्टेशन पहुंचे। यहां पुलिस अधिकारियों ने उनसे कई घंटों तक पूछताछ की और मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी जुटाई।
डिप्टी एसपी ने दी जांच की ताजा जानकारी
महाराष्ट्र के डिप्टी एसपी गजानन टोम्पे ने बताया कि पुलिस सिया के भाई, माता-पिता और अन्य रिश्तेदारों के बयान दर्ज कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित लोग जांच में सहयोग कर रहे हैं और पुलिस कानूनी प्रक्रिया के तहत हर पहलू की गहन जांच कर रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि आरोपियों से मोबाइल फोन समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं। इन उपकरणों को फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेजा गया है, जहां उनकी तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि डिजिटल साक्ष्यों से मामले की कई अहम कड़ियां सामने आ सकती हैं।
क्या है पूरा मामला?
केतन अग्रवाल, जो पुणे के एक युवा रियल एस्टेट कारोबारी थे, की हत्या के मामले में उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को आरोपी बनाया गया है। पुलिस के अनुसार, दोनों ने कथित तौर पर केतन को लोहागढ़ किले पर ट्रेकिंग के बहाने बुलाया और वहां लगभग 400 फीट गहरी खाई में धक्का देकर उसकी हत्या कर दी।
प्रारंभिक तौर पर इस घटना को हादसा बताया गया था, लेकिन पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर मामला हत्या का निकला। इसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया गया, जहां उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है।
डिजिटल सबूतों पर टिकी जांच
जांच एजेंसियों का मानना है कि मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल डिवाइस से मिलने वाले डेटा से यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित साजिश कब और कैसे रची गई। कॉल रिकॉर्ड, चैट, लोकेशन हिस्ट्री और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद मामले में और भी अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल पुलिस ने कहा है कि जांच जारी है और सभी पहलुओं की निष्पक्ष तरीके से जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में फॉरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल सबूत इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।



