Crime News: ‘SP ने दूसरे बेटे को भी भरत तिवारी जैसा अंजाम भुगतने की धमकी दी’, मां का सनसनीखेज आरोप; एनकाउंटर मामले की CBI जांच की मांग तेज
भरत तिवारी की मां आशा देवी बोलीं- पुलिस जांच पर नहीं है भरोसा, मुख्यमंत्री से भी नहीं न्याय की उम्मीद; हाईकोर्ट से लेकर दिल्ली तक लड़ाई लड़ने का ऐलान
Crime News: बिहार के भोजपुर जिले में चर्चित भरत भूषण तिवारी कथित एनकाउंटर मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतक की मां आशा देवी ने भोजपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उनके दूसरे बेटे चंदन तिवारी को भी जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने पूरे मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है और कहा कि उन्हें न स्थानीय पुलिस की जांच पर भरोसा है और न ही राज्य सरकार से न्याय मिलने की उम्मीद।
आशा देवी का आरोप है कि घटना के करीब आठ दिन बाद एसपी उनके घर आए थे। इस दौरान उन्होंने परिवार पर मामले को शांत रखने का दबाव बनाया। उन्होंने दावा किया कि एसपी उनके दूसरे बेटे चंदन तिवारी को अलग ले गए और कहा कि मीडिया से बात मत करना, नहीं तो तुम्हारा भी वही हाल होगा जो भरत तिवारी का हुआ। आशा देवी ने कहा कि यदि यह आरोप सही है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि उन्हें एसपी पर बिल्कुल भरोसा नहीं है। उनके अनुसार, जिस अधिकारी पर घटना में भूमिका निभाने का आरोप है, उसी के अधीन जांच निष्पक्ष नहीं हो सकती। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री पर भी भरोसा नहीं है और इसलिए मामले की CBI जांच कराई जानी चाहिए। परिवार ने जरूरत पड़ने पर हाईकोर्ट और दिल्ली तक न्याय की लड़ाई लड़ने का भी ऐलान किया है।
गौरतलब है कि भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी भरत तिवारी का हथियार के साथ एक वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद 17 जून 2026 को पुलिस उसे पकड़ने पहुंची। पुलिस का दावा है कि भरत ने फायरिंग की, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में गोली चलाई गई। वहीं, परिजनों का कहना है कि भरत ने अपना हथियार पुलिस को सौंप दिया था और इसके बावजूद उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई।
Crime News: केतन हत्याकांड में जांच तेज, सिया के माता-पिता से घंटों पूछताछ
इस मामले में हत्या की एफआईआर दर्ज हो चुकी है और एनकाउंटर की वैधता को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। भरत तिवारी को स्थानीय स्तर पर सामाजिक कार्यों के लिए जाना जाता था। वह बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य, नदी कटान और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सक्रिय रहते थे। परिवार का दावा है कि उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। फिलहाल मामले की जांच जारी है और परिवार निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच की मांग पर कायम है।
Written By: Ekta Verma



