Movers Connect Business Summit 2026: यूपी की वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लिए लॉजिस्टिक्स, निवेश और पॉलिसी सुधार पर मंथन

Movers Connect Business Summit 2026: लखनऊ में आयोजित Movers Connect Business Summit 2026 में लॉजिस्टिक्स, निवेश, एक्सपोर्ट, वेयरहाउसिंग और यूपी की वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के विज़न पर विशेषज्ञों ने चर्चा की।

Movers Connect Business Summit 2026: उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य को गति देने के उद्देश्य से आयोजित Movers Connect Business Summit 2026 में लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, निवेश, एक्सपोर्ट, डिजिटल सप्लाई चेन और पॉलिसी सुधार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। ‘पब्लिसिटी मंत्रा’ द्वारा आयोजित और ‘SESR फाउंडेशन’ द्वारा संचालित इस समिट में नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञों, उद्यमियों, निवेशकों और एक्सपोर्टर्स ने भाग लिया।

“Moving India Forward” थीम पर आयोजित इस सम्मेलन में भारत के लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने और उत्तर प्रदेश को निवेश व व्यापार का प्रमुख केंद्र विकसित करने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क राज्य की औद्योगिक प्रगति और निर्यात क्षमता बढ़ाने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

ODOP और MSME को मिलेगा बड़ा लाभ

समिट में ऑर्गनाइज्ड मूविंग एवं रिलोकेशन इंडस्ट्री को भारत की लॉजिस्टिक्स वैल्यू चेन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा गया कि यह सेक्टर MSME, कारीगरों और निर्यातकों को प्रोफेशनल पैकेजिंग, वेयरहाउसिंग, फर्स्ट-माइल एवं लास्ट-माइल ट्रांसपोर्टेशन तथा इंटीग्रेटेड सप्लाई चेन सेवाएं उपलब्ध कराकर वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना को नई गति दे सकता है।

स्किल डेवलपमेंट पर दिया गया विशेष जोर

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए राष्ट्रीय लोक दल के उत्तर प्रदेश के कार्यवाहक अध्यक्ष अनुपम मिश्रा ने कहा कि तेजी से बढ़ते लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए प्रशिक्षित और कुशल मानव संसाधन तैयार करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि स्किल इंडिया जैसी पहलें युवाओं को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण देकर रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकती हैं। साथ ही उन्होंने ‘पब्लिसिटी मंत्रा’ और ‘SESR फाउंडेशन’ की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह मंच नीति-निर्माताओं और उद्योग जगत के बीच संवाद को मजबूत करेगा।

वैश्विक विशेषज्ञों ने साझा किए विचार

समिट में वाशिंगटन डीसी स्थित CSIS के सीनियर फेलो जयंत कृष्णा ने भारत की लॉजिस्टिक्स और एक्सपोर्ट रणनीति में ऑर्गनाइज्ड मूविंग एवं रिलोकेशन सेक्टर को शामिल करने की आवश्यकता बताई।

इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स की यूपी कोऑर्डिनेशन कमेटी के चेयरमैन मुकेश बहादुर ने उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास को वैश्विक निवेश से जोड़ने पर जोर दिया।

वहीं, मानसिंह गोयल ग्रुप के चेयरमैन सर्वेश गोयल ने कहा कि विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक लॉजिस्टिक्स सिस्टम भारतीय उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी हैं।

PwC इंडिया के यूपी पार्टनर सौरभ राय ने कहा कि उत्तर प्रदेश की औद्योगिक वृद्धि, निर्यात विस्तार और रोजगार सृजन के लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीक आधारित लॉजिस्टिक्स और प्रभावी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप आवश्यक है।

‘मूवर्स कनेक्ट’ बनेगा इंडस्ट्री का साझा मंच

पब्लिसिटी मंत्रा के फाउंडर अनूप कुमार मिश्रा ने कहा कि भारत का लॉजिस्टिक्स सेक्टर आर्थिक परिवर्तन का प्रमुख आधार बन चुका है। उन्होंने कहा कि Movers Connect का उद्देश्य सरकार, उद्योग, शिक्षण संस्थानों और निवेशकों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है, जहां सप्लाई चेन को मजबूत करने, निर्यात बढ़ाने और ऑर्गनाइज्ड मूविंग एवं रिलोकेशन सेक्टर को नई पहचान देने के लिए नीतिगत संवाद हो सके।

SESR फाउंडेशन के डायरेक्टर राकेश मिश्रा ने कहा कि दीर्घकालिक आर्थिक विकास के लिए सरकार, उद्योग और सामाजिक संस्थाओं के बीच प्रभावी सहयोग आवश्यक है। उन्होंने बताया कि यह समिट नवाचार, उद्यमिता, कौशल विकास और टिकाऊ लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

डिजिटल लॉजिस्टिक्स और ग्रीन ट्रांसपोर्ट पर भी हुई चर्चा

APML के CEO अजय गोयल ने कहा कि www.moversconnect.org प्लेटफॉर्म लॉजिस्टिक्स और रिलोकेशन सेक्टर से जुड़े सभी हितधारकों को जोड़ने का प्रभावी माध्यम बनेगा।

सम्मेलन में वेयरहाउसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल लॉजिस्टिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन ट्रांसपोर्टेशन, एक्सपोर्ट प्रमोशन, गुणवत्ता मानकों, निवेश के अवसरों और नीतिगत सुधारों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

समिट के अंत में सभी प्रतिभागियों ने इस बात पर सहमति जताई कि उत्तर प्रदेश को वैश्विक लॉजिस्टिक्स एवं निवेश केंद्र बनाने के लिए सरकार, उद्योग, स्टार्टअप्स, निवेशकों और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के बीच बेहतर समन्वय और साझेदारी को बढ़ावा देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

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