UP Textiles Conclave 2026: युवा जॉब सीकर नहीं उद्यमी बनें, यूपी टेक्सटाइल्स कॉन्क्लेव-2026 का उद्घाटन में बोले CM योगी

UP Textiles Conclave 2026 में CM योगी ने यूपी को ग्लोबल टेक्सटाइल हब बनाने का लक्ष्य बताया। 5,196 करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर एमओयू, ‘यूपी टेक मित्र’ पोर्टल और हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना लॉन्च।

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UP Textiles Conclave 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को दो दिवसीय यूपी टेक्सटाइल्स कॉन्क्लेव-2026 का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने ‘यूपी टेक मित्र’ पोर्टल और हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना का शुभारंभ किया। टेक्सटाइल सेक्टर में 5,196 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर एमओयू किए गए। कार्यक्रम में 163 करोड़ रुपये के लेटर ऑफ कम्फर्ट और 60 करोड़ रुपये की सब्सिडी भी वितरित की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी का मतलब ‘अल्टीमेट पोटेंशियल’ है। प्रदेश के पास समृद्ध विरासत, हुनर, मानव संसाधन, उद्योग, उद्यमिता और देश का सबसे बड़ा बाजार है। दुनिया की सबसे युवा वर्कफोर्स भी उत्तर प्रदेश में है। इन क्षमताओं के आधार पर प्रदेश को ग्लोबल टेक्सटाइल हब बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

फाइबर से ब्रांड तक यूपी में विकसित होगी पूरी वैल्यू चेन

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में टेक्सटाइल उद्योग को नई ऊंचाई देने के लिए फाइबर से यार्न, यार्न से फैब्रिक, फैब्रिक से गारमेंट और गारमेंट से ब्रांड तक पूरी वैल्यू चेन विकसित की जाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ेगा, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और यूपी के टेक्सटाइल उत्पादों को वैश्विक बाजार मिलेगा।

उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल उद्योग अब सिर्फ धागे और कपड़े तक सीमित नहीं है। डिफेंस, हेल्थकेयर, कृषि और खेल जैसे क्षेत्रों में टेक्निकल टेक्सटाइल की मांग तेजी से बढ़ रही है। पीएम मित्र पार्क और संत कबीर टेक्सटाइल पार्क जैसी परियोजनाओं के जरिए इस क्षेत्र को बढ़ावा दिया जा रहा है।

वाराणसी की सिल्क साड़ी से भदोही के कारपेट तक यूपी की पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की टेक्सटाइल पहचान हजारों वर्ष पुरानी है। वाराणसी की सिल्क साड़ी, भदोही का कारपेट, लखनऊ की चिकनकारी, बरेली की जरी और कानपुर का टेक्सटाइल इकोसिस्टम प्रदेश की विरासत और औद्योगिक क्षमता को दर्शाते हैं।

उन्होंने बताया कि मेरठ में टेक्निकल टेक्सटाइल के क्षेत्र में भी बड़ी संभावनाएं हैं। प्रदेश में करीब 2 लाख हैंडलूम और 5 लाख से अधिक पावरलूम बुनकर हैं। कृषि के बाद वस्त्र उद्योग रोजगार देने वाले प्रमुख क्षेत्रों में शामिल है।

फैब्रिक मैन्युफैक्चरिंग में यूपी देश में तीसरे स्थान पर

सीएम योगी के मुताबिक उत्तर प्रदेश फैब्रिक मैन्युफैक्चरिंग में देश में तीसरे स्थान पर है। देश के कुल फैब्रिक उत्पादन में यूपी की हिस्सेदारी करीब 13 से 14 प्रतिशत है। पिछले छह वर्षों में प्रदेश के वस्त्र, परिधान और हस्तशिल्प निर्यात में करीब 56 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2030 तक 350 अरब डॉलर की टेक्सटाइल एवं अपैरल अर्थव्यवस्था और 100 अरब डॉलर के टेक्सटाइल निर्यात का लक्ष्य रखा है। उत्तर प्रदेश इस लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

ODOP से 35 से अधिक जिलों के उत्पादों को मिली पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना के माध्यम से 35 से अधिक जिलों के वस्त्र और हैंडलूम उत्पादों को नई पहचान मिली है। प्रदेश के 17 टेक्सटाइल उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है।

उन्होंने कहा कि वाराणसी, अमरोहा, बरेली, संतकबीरनगर और बिजनौर में टेक्सटाइल परियोजनाओं के लिए भूमि आरक्षित की गई है। वहीं नोएडा को अपैरल सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है।

कानून-व्यवस्था सुधरी तो बढ़ा निवेश का भरोसा

सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब थी। माफिया और गुंडा टैक्स के कारण निवेशक यूपी से दूरी बनाते थे। आज प्रदेश में कानून का राज है और निवेश के लिए बेहतर माहौल तैयार हुआ है।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में 36 सेक्टोरल पॉलिसी हैं। पिछले नौ वर्षों में करीब 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें करीब 15 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। इससे 65 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। प्रदेश में करीब 96 लाख एमएसएमई इकाइयां हैं।

कारीगर सप्लायर नहीं, अपने ब्रांड के मालिक बनें

मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई को केवल सब-कॉन्ट्रैक्टर की भूमिका तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें ग्लोबल वैल्यू चेन का पार्टनर बनना होगा। युवाओं को नौकरी तलाशने वाले के बजाय टेक्सटाइल उद्यमी और इनोवेटर बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने कारीगरों से भी केवल सप्लायर बने रहने के बजाय अपने ब्रांड का मालिक बनने का आह्वान किया। सीएम ने ‘डिजाइन इन यूपी, मेड इन यूपी और एक्सपोर्टेड फ्रॉम यूपी’ का मंत्र देते हुए प्रदेश के हुनर को वैश्विक पहचान दिलाने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग मंत्री राकेश सचान, उत्तर प्रदेश ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव वस्त्र उद्योग अनिल कुमार सागर सहित देशभर के उद्यमी, निवेशक, निर्यातक और टेक्सटाइल क्षेत्र के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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