UP Japan Investment Meet 2026 : निवेश करें, मिलेगा पूरा सहयोग, सीएम योगी ने जापानी कंपनियों को दिया भरोसा
UP Japan Investment Meet 2026 : यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट-2026 में सीएम योगी आदित्यनाथ ने जापानी कंपनियों से यूपी में निवेश बढ़ाने की अपील की। यीडा में 3,195 करोड़ की परियोजनाओं की शुरुआत हुई।

UP Japan Investment Meet 2026 : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापानी कंपनियों और उद्योग जगत से उत्तर प्रदेश में निवेश बढ़ाने का आह्वान किया है। यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट-2026 में जापानी कंपनियों के सीईओ और बिजनेस लीडर्स के साथ राउंड टेबल बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को हर स्तर पर पूरा सहयोग उपलब्ध कराएगी। निवेश से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा और प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी व समयबद्ध बनाने पर जोर रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में व्यापक बदलाव हुए हैं। बेहतर कानून-व्यवस्था, मजबूत कनेक्टिविटी, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश अनुकूल नीतियों के चलते प्रदेश देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में अपनी जगह बना रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहती, बल्कि किए गए वादों को जमीन पर उतारने में विश्वास करती है।
उद्योगों की जरूरत के मुताबिक युवाओं की स्किलिंग
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास बड़ी संख्या में युवा मानव संसाधन उपलब्ध है। सरकार उद्योगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए युवाओं की स्किलिंग और अपस्किलिंग पर काम कर रही है। इसका उद्देश्य निवेशकों को प्रशिक्षित और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप मैनपावर उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि इन्वेस्टमेंट मीट के दौरान उद्योग जगत से मिले सुझावों और अपेक्षाओं पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी। प्रदेश में बढ़ती निवेश रुचि से नए उद्योग स्थापित होने के साथ रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने जापानी उद्योग जगत से उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी बनने की अपील की।
यीडा में जापानी निवेश की बड़ी शुरुआत
उत्तर प्रदेश और जापान के बीच औद्योगिक साझेदारी को बुधवार को नई गति मिली। नई दिल्ली में आयोजित यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट-2026 के दौरान एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड और मिंडा कॉरपोरेशन लिमिटेड की यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में प्रस्तावित परियोजनाओं की वर्चुअल ग्राउंड ब्रेकिंग हुई।
दोनों कंपनियां यीडा में कुल 3,195 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी। इन परियोजनाओं से 10 हजार से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
एस्कॉर्ट्स कुबोटा यीडा के सेक्टर-10 में करीब 2,029 करोड़ रुपये के निवेश से विनिर्माण इकाई स्थापित करेगी। यहां ट्रैक्टर और निर्माण उपकरणों से जुड़े उत्पादों का निर्माण किया जाएगा। परियोजना से 3,800 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
वहीं, मिंडा कॉरपोरेशन यीडा में दो विनिर्माण परियोजनाओं पर करीब 1,166 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इन परियोजनाओं से लगभग 6,440 रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। दोनों कंपनियों की परियोजनाओं से यीडा में सहायक उद्योगों, सप्लाई चेन और स्थानीय औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
यूपी में निवेश की अपार संभावनाएं: अश्विनी वैष्णव
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट-2026 में भारत-जापान साझेदारी को विश्वास और विकास पर आधारित बताया। उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि के प्रमुख आधार मजबूत सोशल, डिजिटल और फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, समावेशी विकास, मैन्युफैक्चरिंग व इनोवेशन तथा कानूनों का सरलीकरण हैं।
वैष्णव ने भारत की 6 से 8 प्रतिशत की सतत आर्थिक वृद्धि का उल्लेख करते हुए जापानी उद्योग जगत से उत्तर प्रदेश में निवेश का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि रेलवे, डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और कृषि समेत कई क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश निवेशकों की सुविधा और सफलता के लिए तैयार है।
जापान के साथ रणनीतिक साझेदारी मजबूत: सुरेश खन्ना
उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि मजबूत कानून-व्यवस्था, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश अनुकूल नीतियों ने उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख निवेश स्थलों में शामिल किया है।
उन्होंने कहा कि जापान अब उत्तर प्रदेश के लिए सिर्फ निवेशक नहीं, बल्कि दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदार के रूप में आगे बढ़ रहा है। ग्रीन हाइड्रोजन, ऑटोमोबाइल, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों में भारत-जापान सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं।
सुरेश खन्ना के मुताबिक, जापानी उद्योग जगत का उत्तर प्रदेश के प्रति भरोसा लगातार बढ़ रहा है। इससे आने वाले समय में दोनों पक्षों के औद्योगिक और आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई मिलने की उम्मीद है।



