Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद पर बोले इकबाल अंसारी, ‘चोर पकड़े गए, अयोध्या को बदनाम नहीं किया जा सकता’
योगी सरकार की कार्रवाई की सराहना, कहा- दोषियों की गिरफ्तारी से श्रद्धालुओं का विश्वास पहले जैसा कायम है
Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर जारी जांच के बीच बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवाद के पूर्व वादी इकबाल अंसारी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मंदिर में चोरी की घटना निश्चित रूप से दुखद है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकार ने मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनका कहना है कि इस घटना से अयोध्या की छवि या भगवान राम के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था पर कोई असर नहीं पड़ा है।
‘चोरी हुई, लेकिन दोषी भी जेल पहुंचे’
इकबाल अंसारी ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे में कथित चोरी की खबर से लोगों को दुख जरूर पहुंचा, लेकिन सरकार की त्वरित कार्रवाई ने यह संदेश दिया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि चोरी करने वाले गिरफ्तार हो चुके हैं और जेल भेजे जा चुके हैं, जिससे लोगों का विश्वास और मजबूत हुआ है।
अयोध्या की पहचान भाईचारे और आस्था से
उन्होंने कहा कि अयोध्या केवल भगवान राम की नगरी ही नहीं, बल्कि सभी धर्मों के सम्मान और आपसी सौहार्द की प्रतीक है। यहां हर धर्म के लोग एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हैं और यही इसकी सबसे बड़ी पहचान है। उनके अनुसार, मंदिर विवाद के बावजूद श्रद्धालुओं का अयोध्या पहुंचना लगातार जारी है और लोगों की आस्था पहले की तरह कायम है।
योगी सरकार की कार्रवाई की सराहना
इकबाल अंसारी ने उत्तर प्रदेश सरकार की कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कदम उठाए गए। उनका कहना था कि दोषियों की गिरफ्तारी यह दिखाती है कि सरकार धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करती।
SIT जांच में सामने आईं शुरुआती बातें
इस बीच, स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की प्रारंभिक जांच में राम मंदिर के काउंटिंग रूम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे हैं। जांच में संकेत मिले हैं कि कुछ कर्मचारियों ने कथित रूप से नकदी को कपड़ों, जेबों, जूतों और अन्य निजी सामान में छिपाकर बाहर ले जाने की कोशिश की। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, यह किसी एक दिन की घटना नहीं बल्कि व्यवस्थित तरीके से की जा रही कथित चोरी का हिस्सा हो सकती है।
जांच जारी, सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई
मामले में अब तक कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। वहीं, कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई प्रस्तावित है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।



