IAS Shashank Tripathi : सुशासन, नवाचार और जनसेवा की मिसाल आईएएस शशांक त्रिपाठी, जानिए अयोध्या के डीएम की प्रेरक यात्रा

IAS Shashank Tripathi : आईएएस शशांक त्रिपाठी की सफलता की कहानी, UPSC में AIR 5, IIT कानपुर से IAS बनने तक का सफर, गोंडा, बाराबंकी और अब अयोध्या के डीएम के रूप में उल्लेखनीय कार्य।

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IAS Shashank Tripathi : उत्तर प्रदेश कैडर के 2016 बैच के आईएएस अधिकारी शशांक त्रिपाठी उन चुनिंदा प्रशासनिक अधिकारियों में शामिल हैं, जिन्होंने अपनी कार्यशैली से सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा की नई पहचान बनाई है। परिणाम आधारित प्रशासन, नवाचार और जवाबदेही को प्राथमिकता देने वाले शशांक त्रिपाठी को योगी सरकार ने देश के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील जिलों में शामिल अयोध्या का जिलाधिकारी नियुक्त किया है।

साधारण परिवार से आईएएस बनने तक का सफर

1 जुलाई 1991 को कानपुर देहात के एक साधारण परिवार में जन्मे शशांक त्रिपाठी ने आईआईटी कानपुर से बी.टेक की पढ़ाई पूरी की। बेहतर विदेशी करियर के अवसरों को छोड़कर उन्होंने जनसेवा का रास्ता चुना। पहले प्रयास में भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) में चयनित होने के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया और वर्ष 2015 की संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 5 हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में स्थान बनाया।

हर जिम्मेदारी में दिखाई परिणाम आधारित कार्यशैली

शशांक त्रिपाठी का प्रशासनिक सफर सीतापुर से शुरू होकर रायबरेली, गोंडा, मुख्यमंत्री कार्यालय, यूपीएसआईडीए, बाराबंकी और अब अयोध्या तक पहुंचा है। हर तैनाती में उन्होंने पारदर्शी और जनकेंद्रित प्रशासन की मिसाल पेश की।

गोंडा में मुख्य विकास अधिकारी के रूप में उन्होंने 421 पंचायत सचिवालयों के निर्माण, 1,000 से अधिक प्राथमिक विद्यालयों के कायाकल्प, मनरेगा को स्थायी आजीविका से जोड़ने, महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और सामुदायिक शौचालयों के संचालन में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने जैसे कई उल्लेखनीय कार्य किए। उनके नेतृत्व में 82 किलोमीटर लंबी मनवर नदी के पुनर्जीवन अभियान को भी नई गति मिली।

कोरोना काल में रोजगार और राहत का प्रभावी मॉडल

कोरोना महामारी के दौरान जब बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक अपने गांव लौटे, तब शशांक त्रिपाठी ने मनरेगा के माध्यम से हजारों लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया। बड़ी संख्या में जॉब कार्ड जारी कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी गई। इसके साथ ही उन्होंने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में त्वरित कार्रवाई कर जवाबदेही का मजबूत संदेश दिया।

किसानों का भरोसा जीतने वाला प्रशासन

बाराबंकी के जिलाधिकारी के रूप में शशांक त्रिपाठी ने रबी फसल की क्रॉप कटिंग के दौरान स्वयं खेत में उतरकर हंसिया से गेहूं की कटाई की। उनकी यह पहल केवल औपचारिकता नहीं थी, बल्कि किसानों के बीच भरोसा कायम करने और फसल आकलन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने का प्रतीक बनी।

नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों के लिए मिला सम्मान

आंगनवाड़ी केंद्रों को सुदृढ़ और बेबी-फ्रेंडली बनाने, सीएसआर के माध्यम से आधारभूत सुविधाओं का विकास तथा प्राथमिक विद्यालयों को गुणवत्तापूर्ण सेवा केंद्रों के रूप में विकसित करने जैसे उल्लेखनीय कार्यों के लिए उन्हें उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा प्रशंसा-पत्र से सम्मानित किया जा चुका है।

अयोध्या में नई जिम्मेदारी, नई उम्मीदें

अयोध्या जैसे राष्ट्रीय महत्व के जिले की कमान संभालने के बाद शशांक त्रिपाठी से विकास, सुशासन और जनविश्वास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की अपेक्षा की जा रही है। उनका अब तक का प्रशासनिक सफर यह साबित करता है कि ईमानदार नीयत, दूरदर्शी सोच और जनसेवा के प्रति समर्पण प्रशासन को केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं रखता, बल्कि समाज में स्थायी और सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव भी तैयार करता है।

एक नजर में आईएएस शशांक त्रिपाठी की प्रमुख उपलब्धियां

  • यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 5 हासिल कर आईएएस बने।
  • आईआईटी कानपुर से बी.टेक की पढ़ाई पूरी की।
  • आईआरएस में चयन के बाद आईएएस सेवा का चयन किया।
  • सीतापुर, रायबरेली, गोंडा, मुख्यमंत्री कार्यालय, यूपीएसआईडीए, बाराबंकी और अयोध्या में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
  • गोंडा में 421 पंचायत सचिवालयों और 1,000 से अधिक विद्यालयों के कायाकल्प में अहम भूमिका निभाई।
  • मनरेगा के माध्यम से ग्रामीण रोजगार और महिला स्वयं सहायता समूहों को नई मजबूती दी।
  • कोरोना काल में हजारों प्रवासी श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया।
  • 82 किलोमीटर लंबे मनवर नदी पुनर्जीवन अभियान को गति दी।
  • डिजिटल मॉनिटरिंग और पारदर्शी प्रशासन को बढ़ावा दिया।
  • भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं पर त्वरित कार्रवाई की।
  • बाराबंकी में खेत में उतरकर स्वयं क्रॉप कटिंग कर किसानों का भरोसा जीता।
  • उत्कृष्ट प्रशासनिक कार्यों के लिए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से प्रशंसा-पत्र प्राप्त किया।

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