Varanasi Panch Sammelan 2026: वाराणसी में 16 जुलाई को होगा ‘पंच सम्मेलन’, केशव प्रसाद मौर्य और कमलेश पासवान करेंगे शिरकत
रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में देशभर के 300 ग्राम प्रधान जुटेंगे, पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने पर होगा मंथन
Varanasi Panch Sammelan 2026: उत्तर प्रदेश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी वाराणसी में 16 जुलाई को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से ‘पंच सम्मेलन’ का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होगा, जिसमें देशभर से पंचायत प्रतिनिधि, ग्राम प्रधान, नीति-निर्माता और प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान करेंगे, जबकि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, ग्रामीण विकास विशेषज्ञ तथा विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधिमंडल भी सम्मेलन में भाग लेंगे।
पंचायतों को मिलेगा विकास का नया रोडमैप
सम्मेलन का उद्देश्य पंचायतों को अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बनाते हुए ग्रामीण विकास को नई दिशा देना है। कार्यक्रम में ‘विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (जी राम जी) अधिनियम, 2025’ के तहत पंचायतों की भूमिका, स्थानीय विकास योजनाओं और जनभागीदारी पर विस्तृत चर्चा होगी।
योजना के तहत ग्राम पंचायतों को स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने की अधिक स्वतंत्रता देने का प्रस्ताव है। जल संरक्षण, बुनियादी ढांचा, आजीविका, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर विशेष जोर रहेगा।
मनरेगा श्रमिकों पर भी रहेगा फोकस
सम्मेलन में मनरेगा से जुड़े श्रमिकों और कर्मचारियों के समायोजन तथा मजदूरी बढ़ाने जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार उत्तर प्रदेश में मनरेगा मजदूरी 252 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन किए जाने का उल्लेख किया गया है।
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देशभर से आएंगे 300 ग्राम प्रधान
इस सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से उत्कृष्ट कार्य करने वाले लगभग 300 ग्राम प्रधान भाग लेंगे। उनके साथ ग्रामीण विकास मंत्रालय, उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास विभाग और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
इन मुद्दों पर होगा मंथन
सम्मेलन के दौरान ग्रामीण विकास से जुड़े कई अहम विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा, जिनमें—
- ग्रामीण बुनियादी ढांचे का विकास
- पंचायतों में जनभागीदारी और सुशासन
- आत्मनिर्भर गांवों का निर्माण
- ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार एवं आजीविका के अवसर
- विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन
आयोजकों का मानना है कि यह सम्मेलन पंचायतों को विकास की मुख्य धुरी बनाने और ग्रामीण भारत के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।



