India Nepal Relations: भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति का बड़ा असर, नेपाल के 7 जिलों में बनेंगे अस्पताल और कृषि केंद्र
भारत देगा 80.3 करोड़ नेपाली रुपये की अनुदान सहायता, स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि क्षेत्र में होंगे 8 हाई इम्पैक्ट प्रोजेक्ट्स
India Nepal Relations: भारत ने अपनी ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के तहत नेपाल के जमीनी स्तर के विकास को गति देने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है। भारत और नेपाल के बीच आठ हाई इम्पैक्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स (HICDP) को पूरा करने के लिए समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इन परियोजनाओं को नेपाल के चार प्रांतों के सात जिलों में लागू किया जाएगा। इसके लिए भारत सरकार की ओर से कुल 80.3 करोड़ नेपाली रुपये की अनुदान सहायता दी जाएगी।
काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, इन परियोजनाओं से नेपाल में स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि समेत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी। समझौते पर भारतीय दूतावास और नेपाल सरकार के भूमि प्रबंधन, सहकारी, संघीय मामले एवं सामान्य प्रशासन मंत्रालय के साथ-साथ संबंधित स्थानीय निकायों के बीच सहमति बनी है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सुनसरी जिले के धरान स्थित बीपी कोइराला स्वास्थ्य विज्ञान संस्थान के पूरी तरह डिजिटलाइजेशन की परियोजना प्रमुख है। इसके अलावा दैलेख में 10 बेड वाले अस्पताल और सुनसरी जिले के बरजू गांव में 15 बेड के नए अस्पताल भवन का निर्माण किया जाएगा। इन परियोजनाओं का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता को बेहतर बनाना है।
शिक्षा के क्षेत्र में मोरंग जिले के बेलबारी मल्टीपल कैंपस के लिए आधुनिक शैक्षणिक भवन का निर्माण किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण और जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
कृषि क्षेत्र में भी भारत की सहायता से कई परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। भोजपुर, धाडिंग, हुमला और स्यांजा जिलों में कृषि उपज संग्रह केंद्र, कोल्ड स्टोरेज, पशुधन केंद्र और कृषि संवर्धन केंद्र विकसित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं से किसानों को अपनी उपज के भंडारण और बेहतर प्रबंधन की सुविधा मिलने की उम्मीद है। साथ ही कृषि क्षेत्र से जुड़े स्थानीय ढांचे को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।
भारतीय दूतावास ने बताया कि नेपाल में HICDP के तहत भारत की विकास साझेदारी नई नहीं है। वर्ष 2003 से अब तक भारत सरकार ने नेपाल में 605 हाई इम्पैक्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर काम किया है। इनमें से 512 परियोजनाएं स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पेयजल, कनेक्टिविटी, स्वच्छता और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े क्षेत्रों में पूरी हो चुकी हैं। शेष परियोजनाएं अपने कार्यान्वयन के अलग-अलग चरणों में हैं।

भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध रहे हैं। दोनों देश एक-दूसरे के करीबी पड़ोसी होने के साथ विभिन्न विकास परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी सहयोग करते रहे हैं। ऐसे में नेपाल के दूरदराज और स्थानीय क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं को भारत की सहायता दोनों देशों के बीच विकास साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भारत सरकार की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के तहत नेपाल को दी जा रही यह सहायता स्थानीय जरूरतों और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर केंद्रित है। स्वास्थ्य संस्थानों के डिजिटलाइजेशन से लेकर अस्पताल निर्माण, आधुनिक शैक्षणिक भवन और कृषि से जुड़ी सुविधाओं के विकास तक, इन आठ परियोजनाओं का सीधा प्रभाव स्थानीय लोगों पर पड़ने की उम्मीद है।
भारतीय दूतावास ने कहा कि HICDP का उद्देश्य नेपाल के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के साथ-साथ नेपाल सरकार के विकास और प्रगति के प्रयासों को मजबूत करना है। भारत का कहना है कि करीबी पड़ोसी होने के नाते नेपाल के विकास में सहयोग करना दोनों देशों के बीच साझेदारी को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
80.3 करोड़ नेपाली रुपये की अनुदान सहायता से शुरू होने वाली ये आठ परियोजनाएं नेपाल के चार प्रांतों के सात जिलों में स्थानीय स्तर पर विकास की नई संभावनाएं पैदा कर सकती हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि जैसे सीधे तौर पर आम लोगों से जुड़े क्षेत्रों में निवेश से स्थानीय समुदायों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। भारत और नेपाल के बीच विकास सहयोग का यह नया चरण दोनों देशों की मजबूत पड़ोसी साझेदारी को भी रेखांकित करता है।



