Chandigarh- सांसद सैलजा ने लोकसभा में उठाया सिरसा थेहड़ का मामला
Chandigarh- सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने गुरुवार को लोकसभा में केंद्रीय मंत्री पर्यटन और कला संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मांग की है कि सिरसा थेहड़ की खाली करवाई गई 35 एकड़ भूमि को ही पुरातत्व विभाग की मानते हुए यहां पर पार्क या संग्राहलय बनाया जाए। इसके अलावा विस्थापित किए गए 713 परिवारों को पुन: विस्थापित किया जाए और शेष बची 50 एकड़ भूमि को डिनोटिफाइड किया जाए।
सांसद सैलजा ने कहा है कि इस थेहड़ को पुरातत्व विभाग ने 1932 में सूचीबद्ध किया था, इसकी कितनी भूमि है उसके सर्वे को लेकर एक टीम का गठन किया गया था जिसमें पुरातत्व विभाग की ओर से अजायब सिंह, राजस्व विभाग की ओर से पटवारी, नायब तहसीलदार, तहसीलदार आदि शामिल थे।
इस टीम ने एक संयुक्त रिपोर्ट उपायुक्त सिरसा को सौंपी जिसमें रिपोर्ट निशानदेही, सर्वे सूची, नजरिया नक्शा और सर्वे नक्शा संलग्न किया गया था। जिसमें पुरातत्व विभाग की 35 एकड़ भूमि बताई गई। वर्ष 2017 में हरियाणा सरकार के कुछ जूनियर प्रशासनिक अधिकारियों की गलती से थेहड़ की 35 एकड़ के बजाए 85.5 एकड़ भूमि दर्शा दी गई। जो 50 एकड़ भूमि दिखाई गई है, वह थेहड़ (टीले) के बीच की है और रानियां रोड पर है, जहां पर करीब पांच हजार परिवार रहते हैं, इस भूमि पर आवास के साथ साथ व्यवसायिक प्रतिष्ठान हैं। इस भूमि की 70-80 सालों से रजिस्टरी होती आ रही है।
सैलजा ने कहा है कि थेहड़ की 35 एकड़ भूमि को वर्ष 2017 में कब्जा मुक्त करवा लिया गया और वहां रहने वाले 713 परिवारों को हुडा सेक्टर 19 के फलैट्स में अस्थायी रूप से इस शर्त पर बसाया गया कि उनके स्थायी आवास का जल्द ही प्रबंध कर दिया जाएगा, पर आज तक ऐसा नहीं हुआ और ये सभी परिवार बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहे हैं।