UP News : सोनम वांगचुक की सेहत पर दिल्ली हाई कोर्ट सख्त, केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस, मांगा जवाब

UP News : सोनम वांगचुक की 17 दिनों से जारी भूख हड़ताल पर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। अस्पताल में भर्ती और इलाज की मांग वाली PIL पर सुनवाई।

UP News : जंतर-मंतर पर पिछले 17 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है। अदालत ने दोनों सरकारों को बुधवार तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

दिल्ली हाई कोर्ट में दायर जनहित याचिका (PIL) में मांग की गई है कि सोनम वांगचुक को तत्काल अस्पताल में भर्ती कर आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। याचिका में यह भी कहा गया है कि यदि चिकित्सकीय रूप से जरूरत हो तो उनकी जान बचाने के लिए फोर्स-फीडिंग के माध्यम से तरल आहार, विटामिन और अन्य आवश्यक पोषक तत्व दिए जाएं।

याचिका में स्वास्थ्य को लेकर जताई गई गंभीर चिंता

सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता राकेश कुमार सैनी द्वारा दायर जनहित याचिका में दावा किया गया है कि लगातार भूख हड़ताल के कारण सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति लगातार बिगड़ रही है। याचिका में कहा गया है कि समय रहते उचित चिकित्सा नहीं मिलने पर उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता है।

याचिका के अनुसार, वांगचुक का करीब 8.5 किलोग्राम वजन कम हो चुका है, जबकि उनका ब्लड प्रेशर 109/70 दर्ज किया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि यदि उनके साथ कोई अनहोनी होती है तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति होगी।

28 जून से जारी है अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

सोनम वांगचुक 28 जून से नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। पिछले कुछ दिनों में उनकी कमजोर होती सेहत की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुए हैं, जिनमें डॉक्टर नियमित रूप से उनकी स्वास्थ्य जांच करते नजर आ रहे हैं।

संगठन ने जताई सेहत को लेकर चिंता

वांगचुक के आंदोलन से जुड़े संगठन का कहना है कि उनकी शारीरिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। संगठन के प्रतिनिधियों के अनुसार उन्हें चलने-फिरने और लंबे समय तक खड़े रहने में भी कठिनाई हो रही है।

हाई कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी नजर

दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को बुधवार तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। दोनों पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद अदालत इस मामले में आगे की सुनवाई करते हुए आवश्यक आदेश जारी करेगी। फिलहाल सभी की निगाहें कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हुई हैं।

Related Articles

Back to top button