Sonbhadra News-निजी अस्पताल के चार चिकित्सकों पर FIR का आदेश, कोर्ट ने सात दिन में मांगी आख्या
Sonbhadra News- FIR ordered against four doctors of a private hospital, court asks for report in seven days
Sonbhadra News-रॉबर्ट्सगंज नगर स्थित एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान कथित मनमानी, मानसिक प्रताड़ना और धमकी देने के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। सिविल जज जूनियर डिवीजन/एफटीसी/14वां वित्त आयोग की अदालत ने रॉबर्ट्सगंज कोतवाल को चार चिकित्सकों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने पुलिस से सात दिन के भीतर कार्रवाई की आख्या भी तलब की है।
मामले में अधिवक्ता संतोष पटेल पुत्र इंद्रजीत सिंह, निवासी ग्राम हिनौती ने 29 नवंबर 2024 को सीजेएम न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। प्रार्थना पत्र के मुताबिक, उन्होंने 4 अगस्त 2024 की शाम अपनी पत्नी विभा शाक्य को प्रसव के लिए रॉबर्ट्सगंज स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था।
आरोप है कि 5 अगस्त 2024 की शाम करीब पांच बजे चिकित्सक मुक्ता सिंह ने ऑपरेशन के जरिए प्रसव कराया। इसके बाद जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ बताए गए और 9 अगस्त को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
अधिवक्ता का आरोप है कि अस्पताल में इलाज के दौरान कथित तौर पर अवैध वसूली के लिए उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया गया। उन्होंने चिकित्सक नेहा सिंह राना पर बदसलूकी करने का भी आरोप लगाया है। शिकायत के संबंध में अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. आरपी सिंह से जानकारी देने पर कथित रूप से धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
प्रार्थना पत्र में बताया गया कि 4 सितंबर 2024 को डॉ. आरपी सिंह, डॉ. मुक्ता सिंह और डॉ. नेहा सिंह राना को कानूनी नोटिस भेजा गया था। आरोप है कि नोटिस का जवाब देने के बजाय 12 सितंबर 2024 को डॉ. नेहा सिंह राना और उसी दिन रात में डॉ. अखिलेश पटेल ने मोबाइल फोन पर कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए धमकी दी।
अधिवक्ता के अनुसार, उन्होंने मामले की शिकायत रॉबर्ट्सगंज थाने में की। इसके बाद 4 नवंबर 2024 को रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से पुलिस अधीक्षक को भी सूचना दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली।
मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस की आख्या में एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने की बात सामने आई। अदालत ने मामले को गंभीर प्रकृति का अपराध मानते हुए पुलिस विवेचना को आवश्यक माना। इसके बाद रॉबर्ट्सगंज कोतवाल को संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया।
कोर्ट ने आदेश के अनुपालन के संबंध में पुलिस से सात दिन के भीतर आख्या प्रस्तुत करने को कहा है।
हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और विवेचना पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
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