International News: मिडिल ईस्ट में फिर बढ़ा तनाव, ईरान का पलटवार; अमेरिकी ठिकानों पर हमले से खाड़ी देशों में अलर्ट
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर गहरा गया है। ईरान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद जवाबी हमलों की खबरों ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है।
International News:अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव अब दूसरे देशों तक फैलता नजर आ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने ईरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े कई ठिकानों पर कार्रवाई की। इसके बाद ईरान की ओर से भी जवाबी हमला किया गया।
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान का पलटवार
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, 1 सितंबर को ईरान में कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेना ने IRGC से जुड़े एयर डिफेंस सिस्टम, रडार, समुद्री संसाधनों, माइन बिछाने की क्षमता और संचार से जुड़ी सुविधाओं पर हमले किए।
अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी सैनिकों और वाणिज्यिक जहाजों के लिए पैदा किए गए कथित खतरे के जवाब में की गई।
जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में हमले का दावा
अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान के IRGC ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने जॉर्डन में मौजूद एक अमेरिकी सैन्य अड्डे को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया।
जॉर्डन की ओर से बताया गया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने देश के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुई 13 बैलिस्टिक मिसाइलों में से 10 को रोक दिया। बाकी तीन मिसाइलें आबादी वाले क्षेत्रों से दूर गिरीं।
बहरीन में भी अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठान पर ड्रोन हमले की खबर सामने आई है। वहीं, कुवैत ने भी अपने हवाई क्षेत्र में ड्रोन गतिविधियों के बाद एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय किए जाने की जानकारी दी।
होर्मुज जलडमरूमध्य बना टकराव का केंद्र
अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा तनाव में होर्मुज जलडमरूमध्य बेहद अहम भूमिका निभा रहा है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है और यहां किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।
अमेरिका ने आरोप लगाया है कि IRGC की ओर से समुद्री यातायात और अमेरिकी सैन्य बलों को निशाना बनाने की कोशिशें की गईं। इसी के जवाब में ईरान के सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
ट्रंप ने ईरान को दी कड़ी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को जवाबी कार्रवाई को लेकर चेतावनी दी है। ट्रंप के मुताबिक, अगर ईरान अमेरिकी बलों या सहयोगी देशों के ठिकानों को निशाना बनाता है, तो अमेरिका की प्रतिक्रिया और ज्यादा कड़ी हो सकती है।
इस बीच, मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी सैनिकों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा भी बढ़ाई जा रही है।
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खाड़ी देशों की बढ़ी चिंता
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर खाड़ी देशों पर पड़ रहा है। जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में सैन्य गतिविधियों के बाद इन देशों की एयर डिफेंस व्यवस्था को सक्रिय किया गया है।
अगर दोनों देशों के बीच हमले और जवाबी हमले का सिलसिला आगे बढ़ता है, तो इसका असर केवल सैन्य क्षेत्र तक सीमित नहीं रहने की आशंका है। तेल की कीमतों, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी इसका दबाव पड़ सकता है।
फिलहाल दुनिया की नजर इस बात पर है कि अमेरिका और ईरान के बीच यह टकराव आगे किस दिशा में जाता है और क्या दोनों पक्ष तनाव कम करने की कोशिश करते हैं या सैन्य कार्रवाई का दायरा और बढ़ता है।



