नोम पेन्ह। भारत और कंबोडिया ने द्विपक्षीय सहयोग पर की व्यापक चर्चा
नोम पेन्ह। विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) पी. कुमारन ने कंबोडिया का दौरा किया। इस दौरान कुमारन ने अपने कंबोडियाई समकक्ष उन खेआंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों पक्षों ने राजनीतिक, आर्थिक, वाणिज्यिक, व्यापार एवं निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, विकास साझेदारी, कनेक्टिविटी, क्षमता निर्माण और सांस्कृतिक सहयोग, भौतिक तथा डिजिटल कनेक्टिविटी आदि सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग पर व्यापक चर्चा की।

विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय जुड़ाव के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और सहयोग के नए रास्ते तलाशने पर सहमति जताई। दोनों देशों ने आपसी हित के क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
मंत्रालय ने कहा यात्रा के दौरान सचिव (पूर्व) ने कंबोडियाई नेतृत्व से भी मुलाकात की। उन्होंने भारत और कंबोडिया के बीच द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर चर्चा करने के लिए कंबोडिया साम्राज्य के विदेश मामलों और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्री प्राक सोखोन के साथ एक शिष्टाचार भेंट की।
पी. कुमारन ने कंबोडिया साम्राज्य की संस्कृति और ललित कला मंत्री, महामहिम फोएर्नग साकोना से भी मुलाकात की और भारत-कंबोडिया के चल रहे सांस्कृतिक सहयोग परियोजनाओं में हुई प्रगति पर चर्चा की।
नोम पेन्ह में सचिव (पूर्व) ने आईसीसीआर छात्रवृत्ति और भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम के पूर्व छात्रों के साथ भी बातचीत की।
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सिएम रीप की अपनी यात्रा के दौरान कुमारन ने एशियाई पारंपरिक वस्त्र संग्रहालय (जो मेकांग-गंगा सहयोग के तहत भारतीय सहायता से स्थापित किया गया था) के साथ-साथ ता प्रोहम मंदिर का भी दौरा किया। यह मंदिर भारतीय सहायता से चल रही संरक्षण और जीर्णोद्धार परियोजना का स्थल है।
बता दें कि कंबोडिया भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और ‘इंडो-पैसिफिक’ क्षेत्र के दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। कंबोडिया ‘ग्लोबल साउथ’ में भी भारत का एक प्रमुख भागीदार है।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)



