Reliance ADA Bank Fraud Case: CBI ने पूर्व CFO अमित बापना को किया गिरफ्तार, 4 दिन की रिमांड पर भेजा
Reliance ADA Bank Fraud Case में CBI ने रिलायंस कैपिटल के पूर्व CFO अमित बापना को गिरफ्तार किया है। अदालत ने उन्हें 4 दिन की CBI रिमांड पर भेजा है। जानिए RCFL लोन फ्रॉड और जांच से जुड़ी पूरी जानकारी।
नई दिल्ली: रिलायंस एडीए (ADA) समूह से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ा कदम उठाते हुए रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) अमित बापना को गिरफ्तार कर लिया है। विशेष अदालत ने उन्हें चार दिन की CBI रिमांड पर भेजा है, जहां उनसे मामले में विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
अगस्त 2014 से दिसंबर 2019 तक रहे थे CFO
CBI के अनुसार अमित बापना अगस्त 2014 से दिसंबर 2019 तक रिलायंस कैपिटल लिमिटेड में CFO के पद पर कार्यरत थे। जांच एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने कंपनी के वित्तीय निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और कई ऐसी कंपनियों को ऋण दिलाने की प्रक्रिया में शामिल रहे, जिन्हें केवल मध्यस्थ (इंटरमीडियरी) के रूप में इस्तेमाल किया गया।
RBI नियमों के खिलाफ दिए गए थे लोन
जांच में सामने आया है कि रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) ने बैंकों से प्राप्त ऋण को कथित तौर पर विभिन्न मध्यस्थ कंपनियों के जरिए रिलायंस एडीए समूह की अन्य कंपनियों, जैसे रिलायंस कैपिटल, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर और रिलायंस पावर तक पहुंचाया।
CBI का आरोप है कि यह पूरा लेन-देन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों और सरकारी बैंकों की ऋण वितरण नीति के विपरीत था। इससे सरकारी बैंकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ, जबकि संबंधित कंपनियों और आरोपियों को अनुचित लाभ मिला।
पहले से ED केस में तिहाड़ जेल में थे बंद
CBI ने बताया कि अमित बापना पहले से ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच से जुड़े एक अन्य मामले में न्यायिक हिरासत के तहत तिहाड़ जेल में बंद थे। इस मामले में पूछताछ के लिए CBI ने विशेष अदालत से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त किया और 4 जुलाई 2026 को उन्हें अदालत में पेश कर औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया।
इसके बाद अदालत ने उन्हें चार दिन की CBI रिमांड पर भेज दिया, ताकि मामले से जुड़े वित्तीय लेन-देन और अन्य आरोपियों के संबंध में पूछताछ की जा सके।
बैंकों और LIC की शिकायत पर दर्ज हैं सात मामले
CBI ने रिलायंस एडीए समूह से जुड़े कुल सात बैंक धोखाधड़ी के मामले दर्ज किए हैं। इनमें रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom), रिलायंस होम फाइनेंस (RHFL), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस (RCFL) और रिलायंस टेलीकॉम (RTL) से जुड़े मामले शामिल हैं।
ये सभी मामले विभिन्न सरकारी बैंकों और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की शिकायतों के आधार पर दर्ज किए गए हैं। इन मामलों की जांच फिलहाल जारी है और इसकी निगरानी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत की जा रही है।
16 लोगों के खिलाफ दाखिल हो चुकी है चार्जशीट
CBI ने 29 मई 2026 को रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े मामले में पहली चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें कंपनी सहित 16 लोगों को आरोपी बनाया गया था। आरोपियों में पांच वरिष्ठ कंपनी अधिकारी और 10 बैंक अधिकारी शामिल हैं।
जांच एजेंसी के मुताबिक, अमित बापना की गिरफ्तारी के बाद रिलायंस एडीए समूह से जुड़े विभिन्न मामलों में अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। CBI का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले समय में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।



