Cabinet Decisions July 2026: मोदी कैबिनेट के 7 बड़े फैसले: वाराणसी में गंगा किनारे एलिवेटेड कॉरिडोर समेत ₹2.19 लाख करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी

सेमीकॉन 2.0, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, रेल लाइन डबलिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मिली हरी झंडी

Cabinet Decisions July 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में देश के बुनियादी ढांचे, तकनीक और औद्योगिक विकास से जुड़ी सात बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 2.19 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से रोजगार, निवेश और कनेक्टिविटी को नई गति मिलेगी।

वाराणसी में बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 और वाराणसी रिंग रोड को जोड़ने वाले नए एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी दी है। यह कॉरिडोर गंगा नदी के किनारे विकसित किया जाएगा और शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने में मदद करेगा।

करीब 46 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट में छह लेन का एलिवेटेड मार्ग, केबल-स्टेयड ब्रिज, फुट ओवर ब्रिज, रैंप, लिंक रोड और सर्विस रोड का निर्माण किया जाएगा। इसे हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) के तहत विकसित किया जाएगा।

सेमीकॉन 2.0 को मिली मंजूरी

कैबिनेट ने सेमीकॉन 2.0 कार्यक्रम को भी मंजूरी दे दी है। लगभग 1.27 लाख करोड़ रुपये के इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत में सेमीकंडक्टर डिजाइन और चिप निर्माण को बढ़ावा देना है। सरकार का लक्ष्य भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब के रूप में विकसित करना है।

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मोबाइल निर्माण और रेल परियोजनाओं को बढ़ावा

बैठक में मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी नई प्रोत्साहन योजना को भी स्वीकृति मिली। इसके अलावा ओडिशा में पारादीप-हरिदासपुर रेल लाइन के दोहरीकरण को भी मंजूरी दी गई, जिससे माल परिवहन और रेल नेटवर्क को मजबूती मिलेगी।

यूरिया नीति को भी हरी झंडी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नेशनल इनवेस्टमेंट पॉलिसी फॉर यूरिया-2026 को भी मंजूरी दी है। सरकार का मानना है कि इससे देश में उर्वरक उत्पादन बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूती देने में मदद मिलेगी।

विकास और निवेश पर सरकार का फोकस

सरकार के अनुसार, इन परियोजनाओं का उद्देश्य देश में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना, घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। आने वाले वर्षों में इन योजनाओं का असर परिवहन, उद्योग, तकनीक और कृषि जैसे कई क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है.

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