Kathmandu News-नेपाल में बाढ़-भूस्खलन से तबाही के बीच भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ, टनल रेस्क्यू और फोरेंसिक टीमें पहुंचीं

Kathmandu News: Amidst the devastation caused by floods and landslides in Nepal, India has extended a helping hand; tunnel rescue and forensic teams have arrived.

Kathmandu News-नेपाल में भारी बारिश के बाद आई बाढ़ और भूस्खलन ने कई इलाकों में गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। आपदा के बीच भारत ने राहत और बचाव अभियान में नेपाल की मदद के लिए व्यापक स्तर पर कदम उठाए हैं। मानवीय सहायता के साथ भारत ने दो विशेष तकनीकी टीमों को भी नेपाल भेजा है, जो जटिल रेस्क्यू और मृतकों की पहचान के काम में स्थानीय एजेंसियों का सहयोग कर रही हैं।

हाइड्रोपावर सुरंगों में रेस्क्यू अभियान

बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित इलाकों में हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश के लिए भारत की विशेष टनल रेस्क्यू टीम नेपाल पहुंची है। टीम ने नेपाली सेना के जवानों के साथ मिलकर चिलिमे और लांगटांग क्षेत्र में हाइड्रोपावर टनल साइटों पर खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया है।

रेस्क्यू टीम आधुनिक उपकरणों और तकनीकी संसाधनों की मदद से सुरंगों के भीतर संभावित फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। नेपाली सेना के साथ समन्वय बनाकर अभियान को आगे भी जारी रखा जाएगा।

मृतकों की पहचान में मदद कर रही फोरेंसिक टीम

आपदा में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान करना भी नेपाल प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसे देखते हुए भारत ने 19 सदस्यीय विशेष फोरेंसिक टीम नेपाल भेजी है। यह टीम स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर अज्ञात शवों की पहचान के लिए डीएनए नमूने जुटाने और तकनीकी जांच में सहयोग कर रही है।

फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से मृतकों की वैज्ञानिक तरीके से पहचान सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि उनके परिवारों तक सही जानकारी पहुंचाई जा सके।

भारत ने भेजी 68.5 टन से ज्यादा राहत सामग्री

तकनीकी विशेषज्ञों की तैनाती के साथ भारत की ओर से नेपाल को मानवीय सहायता पहुंचाने का अभियान भी जारी है। भारतीय वायुसेना के विशेष परिवहन विमानों के जरिए अब तक 68.5 टन से अधिक राहत सामग्री और जरूरी दवाओं की चार खेप नेपाल भेजी जा चुकी हैं।

भारतीय दूतावास के मुताबिक राहत सामग्री की चौथी खेप में करीब 11 टन आवश्यक सामान शामिल है। इसमें कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट जैसी जरूरी वस्तुएं शामिल हैं।

भारतीय नागरिकों को भी सुरक्षित निकालने में जुटा दूतावास

नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी भारतीय मिशन लगातार सक्रिय है। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने रसुवा जिले के बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित चिलिमे गांव से नेपाली सेना द्वारा सुरक्षित निकाले गए तीन भारतीय नागरिकों और उनके एक नेपाली सहयोगी से मुलाकात की।

भारतीय दूतावास की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में फंसे अन्य भारतीय नागरिकों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास भी जारी हैं।

भारत की ओर से नेपाल में चलाया जा रहा यह राहत अभियान ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति के तहत पड़ोसी देश के साथ संकट की घड़ी में सहयोग और मानवीय सहायता की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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