Monsoon Session 2026 : संड़क से संसद तक बवाल…सीजेपी और विपक्ष ने सरकार को घेरा – जानिये अब तक क्या-क्या हुआ
Monsoon Session 2026 : संसद के मानसून सत्र के पहले दिन राम मंदिर चढ़ावा विवाद, नीट पेपर लीक, सोनम वांगचुक और छात्रों पर कार्रवाई को लेकर विपक्ष का जोरदार हंगामा हुआ। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई।
Monsoon Session 2026 : संसद के मानसून सत्र का पहला दिन सोमवार को भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया। राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितता, नीट पेपर लीक, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अनशन स्थल से हटाने, मणिपुर की स्थिति और छात्रों पर कथित कार्रवाई जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। लगातार नारेबाजी और विरोध के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
संसद के भीतर विपक्ष का तीखा विरोध
सत्र की शुरुआत से ही विपक्षी दल विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगते रहे। विपक्ष ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद की जांच, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, सोनम वांगचुक के मामले, छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई और मणिपुर की स्थिति पर चर्चा की मांग की।
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर छात्रों के साथ कठोर रवैया अपनाने का आरोप लगाया। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने शिक्षा व्यवस्था और राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर विस्तृत चर्चा की मांग रखी। समाजवादी पार्टी के सांसदों ने संसद परिसर से जंतर-मंतर तक मार्च निकाला। सांसद डिंपल यादव ने कहा कि सरकार युवाओं की आवाज नहीं सुन रही है। वहीं टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भी सरकार पर निशाना साधा।
संसद के बाहर प्रदर्शन, पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प
संसद के बाहर भी माहौल तनावपूर्ण रहा। सीजेपी के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच झड़प हुई। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ने पर आंसू गैस और हल्का बल प्रयोग किया गया। पुलिस के अनुसार इस दौरान कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए।
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक प्रदर्शन में अनुमान से कहीं अधिक लोग पहुंचे, जिसके चलते राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। संसद और जंतर-मंतर के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया तथा कुछ मेट्रो स्टेशनों पर भी अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की सहयोग की अपील
संसद सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन करते हुए सदन की कार्यवाही में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि तथ्य और तर्क आधारित चर्चा से लोकतंत्र मजबूत होता है और उम्मीद जताई कि मानसून सत्र जनहित में सार्थक रहेगा।
सरकार ने पेश किए अहम विधायी एजेंडे
मानसून सत्र के पहले दिन सरकार ने राज्यसभा में ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश करने की तैयारी की। प्रस्तावित संशोधन में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने का प्रावधान शामिल है।
वहीं लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने से संबंधित विधेयक भी सूचीबद्ध रहा।
सीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने जेपी नड्डा से की मुलाकात
प्रदर्शन के बीच सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर तीन प्रमुख मांगें रखीं। इनमें सोनम वांगचुक पर लगी कथित पाबंदियां हटाने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने तथा पेपर लीक से प्रभावित अभ्यर्थियों के परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग शामिल रही।
जेपी नड्डा ने मुलाकात के बाद कहा कि प्रतिनिधिमंडल के साथ सकारात्मक माहौल में बातचीत हुई और सभी पक्षों से शांति बनाए रखने तथा सामान्य स्थिति बहाल करने की अपील की गई।

