National Politics: श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर CM योगी का कांग्रेस पर हमला, बोले- बंगाल को पाकिस्तान में मिलाने की कोशिश का किया था विरोध
श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर सीएम योगी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और कांग्रेस, नेहरू सरकार व अनुच्छेद 370 के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा।
National Politics: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और तत्कालीन नेहरू सरकार की नीतियों पर भी निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के विभाजन के दौर में जब बंगाल को पाकिस्तान का हिस्सा बनाने की कोशिश हो रही थी, तब डॉ. मुखर्जी उसके खिलाफ मजबूती से खड़े हुए थे।
लखनऊ के पार्क रोड स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि और भाजपा नेता मौजूद रहे।
‘देश की अखंडता के लिए सत्ता छोड़ दी’
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि स्वतंत्र भारत में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने खाद्य एवं उद्योग मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने दावा किया कि जब तत्कालीन केंद्र सरकार की नीतियां देश की एकता और अखंडता के लिए चुनौती बनने लगीं, तब डॉ. मुखर्जी ने मंत्री पद छोड़कर अलग राह चुनी और राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखा।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनसंघ की स्थापना के बाद डॉ. मुखर्जी ने “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” का नारा देते हुए जम्मू-कश्मीर की परमिट व्यवस्था का विरोध किया था। इसी आंदोलन के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया और वर्ष 1953 में जम्मू-कश्मीर में उनका निधन हो गया।
अनुच्छेद 370 हटाने का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में अनुच्छेद 370 का उल्लेख करते हुए कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जिस उद्देश्य के लिए संघर्ष किया था, उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 में अनुच्छेद 370 हटाकर पूरा किया। उन्होंने कहा कि इस फैसले के बाद जम्मू-कश्मीर में भारतीय संविधान और सभी केंद्रीय कानून पूरी तरह लागू हुए।
डॉ. मुखर्जी के योगदान को किया याद
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को उनके विचारों और राष्ट्रसेवा के संकल्प से प्रेरणा लेनी चाहिए।



