Sports News: गोल करना भगवान का दिया हुआ तोहफा है’, ब्राजील पर ऐतिहासिक जीत के बाद एर्लिंग हालंद ने बताया अपनी सफलता का राज
ब्राजील के खिलाफ दो गोल कर नॉर्वे को पहली बार विश्व कप क्वार्टर फाइनल में पहुंचाने वाले एर्लिंग हालंद ने कहा कि जब भी उन्हें मौका मिलता है, वह अक्सर गोल में बदल जाता है
Sports News: फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ-16 मुकाबले में नॉर्वे ने पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील को 2-1 से हराकर इतिहास रच दिया। इस यादगार जीत के सबसे बड़े नायक स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालंद रहे, जिन्होंने दोनों गोल दागकर अपनी टीम को पहली बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचाया। मैच के बाद हालंद ने अपनी गोल करने की असाधारण क्षमता पर खुलकर बात की और कहा कि यह उनके लिए “भगवान का दिया हुआ तोहफा” है।
‘एक-दो मौके मिलें तो अक्सर गोल हो जाता है’
मैच के बाद मीडिया से बातचीत में हालंद ने कहा कि उन्हें खुद भी कई बार समझ नहीं आता कि वह इतने लगातार गोल कैसे कर लेते हैं। उन्होंने कहा कि जब भी उन्हें एक या दो अच्छे मौके मिलते हैं, वे अक्सर गोल में बदल जाते हैं।
हालंद ने कहा, “सबसे जरूरी बात यह है कि आप पूरे समय एकाग्र रहें। मैं हमेशा खुद से कहता हूं कि मौका जरूर आएगा। अब मुझे लगता है कि गेंद का बिल्कुल सही जगह जाकर गोल में बदलना भगवान का दिया हुआ तोहफा है। यह मेरे लिए अविश्वसनीय एहसास है।”
ब्राजील के खिलाफ रचा इतिहास
ब्राजील के खिलाफ दो गोल दागने के साथ हालंद ने टूर्नामेंट में अपने गोलों की संख्या सात पहुंचा दी। इसके साथ ही उन्होंने एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। वह 1970 विश्व कप में जर्मनी के दिग्गज स्ट्राइकर गर्ड म्यूलर के बाद पहले खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने अपने शुरुआती चार विश्व कप मुकाबलों में सात गोल किए हैं।
हालंद के शानदार प्रदर्शन की बदौलत नॉर्वे ने पहली बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई, जिसे देश के फुटबॉल इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।
गोल्डन बूट की रेस में मेसी और एम्बाप्पे की बराबरी
ब्राजील के खिलाफ दो गोल करने के बाद हालंद अब विश्व कप 2026 में सात गोल के साथ लियोनेल मेसी और किलियन एम्बाप्पे की बराबरी पर पहुंच गए हैं। गोल्डन बूट की रेस अब पहले से कहीं ज्यादा रोमांचक हो गई है और तीनों स्टार खिलाड़ी इस प्रतिष्ठित सम्मान के मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
हालंद का अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड भी लगातार बेहतर होता जा रहा है। उनके नाम अब 54 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 62 गोल दर्ज हो चुके हैं। इसके अलावा वह लगातार 14 प्रतिस्पर्धी अंतरराष्ट्रीय मैचों में गोल करने का कारनामा भी कर चुके हैं।
‘नॉर्वे के लिए खेलना सबसे बड़ा गर्व’
ऐतिहासिक जीत के बाद हालंद भावुक भी नजर आए। उन्होंने कहा कि यह जीत सिर्फ खिलाड़ियों की नहीं, बल्कि पूरे नॉर्वे की है।
उन्होंने कहा, “मैं चाहता हूं कि आने वाली पीढ़ी के हर युवा को यह महसूस हो कि नॉर्वे की जर्सी पहनना सबसे बड़ा सम्मान है। आज पूरा देश जश्न मनाए, क्योंकि यह हमारे इतिहास के सबसे यादगार दिनों में से एक है।”
गोलकीपर ने भी निभाई अहम भूमिका
नॉर्वे की इस ऐतिहासिक जीत में गोलकीपर ओरजान नाइलैंड का भी बड़ा योगदान रहा। उन्होंने मैच के दौरान कई शानदार बचाव किए, जिनमें ब्रूनो गिमारेस की पेनल्टी रोकना भी शामिल था।
मैच के बाद नाइलैंड ने कहा कि यह उनकी जिंदगी का सबसे यादगार पल है। उन्होंने कहा कि टीम को पहले से विश्वास था कि अगर सभी खिलाड़ी अपनी क्षमता के मुताबिक खेलेंगे तो ब्राजील जैसी मजबूत टीम को भी हराया जा सकता है।
Sports News: वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर बोले राजीव शुक्ला, ‘BCCI किसी के साथ अन्याय नहीं करता
अब इंग्लैंड से होगी बड़ी टक्कर
ब्राजील को हराने के बाद नॉर्वे का अगला मुकाबला क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड से होगा। हालंद जिस शानदार फॉर्म में हैं, उसे देखते हुए नॉर्वे को एक और बड़े उलटफेर की उम्मीद है। वहीं, हालंद की नजरें अब सिर्फ विश्व कप ट्रॉफी ही नहीं, बल्कि गोल्डन बूट जीतने पर भी टिकी होंगी।



