National News: श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर देश ने किया नमन, PM मोदी ने लिखा विशेष लेख, अमित शाह-राजनाथ समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के शिक्षा, उद्योग और राष्ट्रीय एकता में योगदान को याद किया। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी उनके विचारों और बलिदान को नमन किया।

National News: भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी नेता और महान शिक्षाविद् डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर रविवार (6 जुलाई) को पूरे देश ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके राष्ट्र निर्माण, शिक्षा और राष्ट्रीय एकता के लिए दिए गए योगदान को याद किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर डॉ. मुखर्जी के जीवन और विचारों पर एक विशेष लेख लिखा। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि एक दूरदर्शी शिक्षाविद्, प्रभावशाली विचारक और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाले नेता थे। प्रधानमंत्री ने लिखा कि शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान आज भी प्रेरणादायक है और उन्होंने हमेशा ऐसी शिक्षा व्यवस्था की वकालत की, जो नवाचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ देश की भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा कर सके।

पहले उद्योग मंत्री के रूप में रखी मजबूत नींव

प्रधानमंत्री ने अपने लेख में कहा कि स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री के रूप में डॉ. मुखर्जी ने देश के औद्योगिक विकास की मजबूत नींव रखी। उन्होंने भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहल कीं। साथ ही बंगाल के भीषण अकाल के दौरान राहत कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका को भी प्रधानमंत्री ने याद किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने लेख में यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35A को हटाने का निर्णय राष्ट्रीय एकता के लिए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लंबे संघर्ष और बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” का उनका संकल्प आज साकार हो चुका है।

उपराष्ट्रपति ने किया पुष्पांजलि अर्पित

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति भवन में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी एक दूरदर्शी राजनेता, राष्ट्र निर्माता और स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री थे। उन्होंने भारतीय जनसंघ की स्थापना कर देश की राजनीति को नई दिशा दी।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता और अखंडता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता अद्वितीय थी। जम्मू-कश्मीर के भारत में पूर्ण एकीकरण के लिए उनका संघर्ष और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।

अमित शाह ने याद किया ‘राष्ट्र प्रथम’ का संदेश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने ‘राष्ट्र प्रथम’ के सिद्धांत को अपने जीवन का उद्देश्य बनाया। उन्होंने कहा कि बंगाल के विभाजन के समय उनका दूरदर्शी नेतृत्व और जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने के लिए किया गया संघर्ष भारतीय इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।

अमित शाह ने कहा कि डॉ. मुखर्जी के सिद्धांत, उनका राष्ट्रवाद और देश की अखंडता के प्रति उनका समर्पण आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

राजनाथ सिंह ने बताया दूरदर्शी राष्ट्र निर्माता

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सोशल मीडिया मंच X पर डॉ. मुखर्जी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक दूरदर्शी राजनेता, प्रख्यात विद्वान और राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित व्यक्तित्व थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन भारत की एकता, लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और राष्ट्रीय अखंडता को समर्पित कर दिया।

शिक्षा जगत में भी छोड़ी अमिट छाप

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कम उम्र में ही शिक्षा जगत में अपनी अलग पहचान बनाई। वे कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपतियों में शामिल रहे। उन्होंने उच्च शिक्षा के आधुनिकीकरण, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय मूल्यों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया। शिक्षा और राष्ट्र निर्माण को उन्होंने हमेशा एक-दूसरे का पूरक माना।

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भारतीय जनसंघ की स्थापना से मिली नई राजनीतिक दिशा

डॉ. मुखर्जी ने वर्ष 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना की, जिसने आगे चलकर भारतीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके राष्ट्रवादी विचार, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता और राष्ट्रीय एकता पर जोर ने भारतीय राजनीति को नई दिशा दी। उनके विचारों का प्रभाव आज भी देश की राजनीति और सार्वजनिक जीवन में देखा जाता है।

देशभर में आयोजित हुए श्रद्धांजलि कार्यक्रम

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर देश के विभिन्न हिस्सों में श्रद्धांजलि सभाओं, संगोष्ठियों और स्मृति कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और शिक्षण संस्थानों ने उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारतीय राजनीति, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण के ऐसे व्यक्तित्व थे, जिनके विचार और योगदान आज भी सार्वजनिक जीवन में चर्चा का विषय बने हुए हैं। उनकी 125वीं जयंती पर देशभर के नेताओं द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किए जाने के साथ-साथ उनके कार्यों और विचारों को भी याद किया गया।

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