National News: पहलगाम आतंकी हमले में NIA का बड़ा एक्शन, हाफिज सईद के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल

एनआईए ने विशेष अदालत में दाखिल पूरक चार्जशीट में लश्कर-ए-तैयबा सरगना हाफिज सईद को आरोपी बनाया है। एजेंसी का आरोप है कि 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले की साजिश पाकिस्तान से रची गई थी।

Jammu & Kashmir: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मामले में एक बड़ा कदम उठाते हुए विशेष अदालत में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है। इस चार्जशीट में पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के सरगना हाफिज सईद को आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी का दावा है कि उसके पास ऐसे साक्ष्य हैं जो इस आतंकी हमले की साजिश को पाकिस्तान में बैठे आतंकी नेटवर्क से जोड़ते हैं।

NIA द्वारा दाखिल की गई पूरक चार्जशीट में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। एजेंसी के अनुसार, जांच के दौरान जुटाए गए डिजिटल, तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हाफिज सईद की कथित भूमिका सामने आई है।

पाकिस्तान से रची गई साजिश का दावा

जांच एजेंसी का कहना है कि पहलगाम आतंकी हमले की योजना भारत में नहीं बल्कि पाकिस्तान से तैयार की गई थी। NIA के मुताबिक, हमले में शामिल आतंकियों को सीमा पार से निर्देश दिए गए और उनके लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट भी उपलब्ध कराया गया।

चार्जशीट में यह भी उल्लेख किया गया है कि लश्कर-ए-तैयबा और उसके प्रॉक्सी संगठन TRF (द रेजिस्टेंस फ्रंट) ने मिलकर इस हमले को अंजाम देने की साजिश रची। एजेंसी का दावा है कि जांच में मिले कई इलेक्ट्रॉनिक और अन्य साक्ष्य इस कथित नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं।

पहले भी दाखिल हो चुकी है चार्जशीट

यह इस मामले की पहली चार्जशीट नहीं है। इससे पहले NIA ने 15 दिसंबर 2025 को पहली चार्जशीट दाखिल की थी। उस चार्जशीट में पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलरों, ऑपरेशन महादेव में मारे गए तीन आतंकियों तथा दो गिरफ्तार आरोपियों को नामजद किया गया था।

अब सप्लीमेंट्री चार्जशीट के जरिए एजेंसी ने जांच के दौरान सामने आए नए तथ्यों और अतिरिक्त साक्ष्यों को अदालत के समक्ष रखा है। भारतीय कानून के तहत जांच के दौरान नए सबूत मिलने पर पूरक चार्जशीट दाखिल की जा सकती है।

22 अप्रैल 2025 को हुआ था हमला

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के लोकप्रिय पर्यटन स्थल पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाकर हमला किया था। इस हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक सहित कुल 26 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे।

इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया और मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जांच NIA को सौंप दी थी।

जांच में जुटाए गए कई अहम सबूत

NIA ने अपनी जांच के दौरान घटनास्थल से मिले फोरेंसिक साक्ष्यों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, मोबाइल डेटा, डिजिटल कम्युनिकेशन, गवाहों के बयान और तकनीकी इनपुट का विश्लेषण किया। एजेंसी का कहना है कि इन सभी तथ्यों के आधार पर हमले की कथित साजिश और इसमें शामिल लोगों की भूमिका को समझने में मदद मिली।

जांच एजेंसी ने यह भी कहा है कि सीमा पार से संचालित आतंकी नेटवर्क और स्थानीय स्तर पर मदद पहुंचाने वाले लोगों के बीच कथित संपर्कों की भी जांच की गई है। हालांकि एजेंसी ने जांच से जुड़ी कई जानकारियां सार्वजनिक नहीं की हैं क्योंकि मामला अभी अदालत में विचाराधीन है।

UAPA और BNS के तहत लगाए गए आरोप

सप्लीमेंट्री चार्जशीट में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के अलावा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत भी आरोप लगाए गए हैं। UAPA भारत का प्रमुख आतंकवाद विरोधी कानून है, जिसके तहत आतंकी गतिविधियों, आतंकी संगठनों को समर्थन देने और देश की सुरक्षा के खिलाफ साजिश रचने जैसे मामलों में कार्रवाई की जाती है।

Jammu & Kashmir: आतंकी हमले के बाद अब सुमन सिंह को कमान, हटाए गए पोनी के SHO परमोद सिंह

अदालत में चलेगी कानूनी प्रक्रिया

NIA द्वारा सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद अब मामले की सुनवाई विशेष NIA अदालत में आगे बढ़ेगी। अदालत उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय करेगी।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि चार्जशीट किसी जांच एजेंसी द्वारा अदालत में पेश किया गया आरोप-पत्र होता है। इसमें लगाए गए आरोप तब तक सिद्ध नहीं माने जाते जब तक अदालत उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपना अंतिम निर्णय नहीं सुना देती।

जांच अभी भी जारी

सूत्रों के अनुसार, NIA की जांच अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। यदि भविष्य में और नए साक्ष्य या संदिग्धों की भूमिका सामने आती है तो एजेंसी आगे भी अतिरिक्त कार्रवाई कर सकती है। फिलहाल एजेंसी का मुख्य फोकस पूरे आतंकी नेटवर्क, फंडिंग, हैंडलरों और स्थानीय सहयोगियों की कथित भूमिका की विस्तृत जांच पर है।

पहलगाम आतंकी हमले की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में हाफिज सईद को आरोपी बनाए जाने से इस मामले की जांच एक महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है। NIA का दावा है कि उसके पास पाकिस्तान से जुड़ी कथित साजिश के पर्याप्त साक्ष्य हैं। हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। आने वाले दिनों में विशेष अदालत की कार्यवाही और जांच एजेंसी की आगे की कार्रवाई पर पूरे देश की नजर रहेगी।

Related Articles

Back to top button