International Update: मिशन गल्फ पर विदेश मंत्री जयशंकर, कतर के PM से मुलाकात; ऊर्जा, व्यापार और सुरक्षा पर हुआ मंथन

कतर दौरे में एस. जयशंकर ने प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी से मुलाकात की। दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी, ऊर्जा, निवेश, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय सुरक्षा पर विस्तार से चर्चा की।

International Update: विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर अपने छह दिवसीय खाड़ी दौरे के तहत कतर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल थानी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच भारत-कतर संबंधों को और मजबूत बनाने, क्षेत्रीय सुरक्षा और पश्चिम एशिया की मौजूदा परिस्थितियों सहित कई अहम मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, 5 से 10 जुलाई तक चलने वाले इस दौरे में जयशंकर कतर के अलावा बहरीन, कुवैत और ओमान का भी दौरा करेंगे।

ऊर्जा, व्यापार और सुरक्षा पर विशेष चर्चा

बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने भारत-कतर रणनीतिक साझेदारी को नई गति देने पर सहमति जताई। बातचीत में ऊर्जा सहयोग, व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी, समुद्री सुरक्षा और लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।

विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि कतर के प्रधानमंत्री से मुलाकात बेहद सकारात्मक रही। उन्होंने भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए कतर सरकार का आभार भी व्यक्त किया।

भारतीय समुदाय की भूमिका की सराहना

जयशंकर ने कतर में रह रहे भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। उन्होंने क्षेत्रीय तनाव और संघर्ष के चुनौतीपूर्ण दौर में भारतीय समुदाय के धैर्य, अनुशासन और भारत-कतर संबंधों को मजबूत बनाने में उनके योगदान की सराहना की।

पश्चिम एशिया के हालात पर भी हुई चर्चा

बैठक में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और उसके वैश्विक प्रभाव पर भी विचार-विमर्श हुआ। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रीय और बहुपक्षीय मुद्दों पर भी चर्चा की।

जयशंकर ने अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता में कतर द्वारा निभाई जा रही सक्रिय मध्यस्थ भूमिका की भी प्रशंसा की और इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण बताया।

क्यों अहम है जयशंकर का खाड़ी दौरा?

विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका-ईरान संबंधों में आए बदलाव और पश्चिम एशिया के बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच जयशंकर का यह दौरा भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इस यात्रा का उद्देश्य—

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  • भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना
  • खाड़ी देशों के साथ व्यापार और निवेश बढ़ाना
  • क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को नई दिशा देना
  • भारतीय प्रवासी समुदाय के हितों की रक्षा करना
  • पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीतिक भूमिका को और मजबूत करना

आगे का कार्यक्रम

कतर यात्रा के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर बहरीन, कुवैत और ओमान के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे।

इसके बाद 13 जुलाई को वे न्यूयॉर्क पहुंचकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के 2028-29 कार्यकाल के लिए भारत के अभियान की शुरुआत करेंगे।

वहीं 14 और 15 जुलाई को वे ब्रुसेल्स में आयोजित भारत-यूरोपीय संघ (EU) व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद की तीसरी बैठक में हिस्सा लेंगे, जहां व्यापार, तकनीक और रणनीतिक सहयोग से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।

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