UP Mau News: शीतला माता मंदिर विवाद पर बढ़ा तनाव, मूर्ति हटाने के विरोध में ब्राह्मण विकास परिषद ने दी आंदोलन की चेतावनी

ब्राह्मण विकास परिषद ने कहा कि प्राचीन शीतला माता की मूर्ति को मूल स्थान से हटाना धार्मिक परंपराओं के खिलाफ है। विंध्याचल मॉडल पर मंदिर विकास की मांग उठाई।

UP Mau News: जनपद के ऐतिहासिक शीतला माता मंदिर में मूर्ति स्थापना और जीर्णोद्धार को लेकर चल रहा विवाद अब और गहराता नजर आ रहा है। ब्राह्मण विकास परिषद, मऊ ने मंदिर में स्थापित प्राचीन मूर्ति को उसके मूल स्थान से हटाने का कड़ा विरोध करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। परिषद का कहना है कि मंदिर का विकास स्वागत योग्य है, लेकिन इसके नाम पर धार्मिक परंपराओं और आस्था से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

‘अनादि काल की पीठ से मूर्ति नहीं हटेगी’

ब्राह्मण विकास परिषद के अध्यक्ष ऋषिकेश पांडेय ने परिषद के प्रवक्ता पंडित मुरली मनोहर मिश्र के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि शीतला माता का यह स्थान सदियों पुरानी सिद्ध पीठ है और यहां स्थापित मूर्ति को उसके मूल स्थान से हटाना शास्त्र और परंपरा दोनों के विरुद्ध होगा।

उन्होंने कहा कि यदि मंदिर समिति ने समाज की भावनाओं की अनदेखी करते हुए मूर्ति हटाने का निर्णय लिया तो ब्राह्मण समाज इसके खिलाफ व्यापक आंदोलन करेगा।

काशी के विद्वानों की राय का दिया हवाला

ऋषिकेश पांडेय ने बताया कि इस विषय पर उन्होंने वाराणसी के कई विद्वानों और ज्योतिषाचार्यों से शास्त्रीय परामर्श लिया। उनके अनुसार अधिकांश विद्वानों का मत है कि प्राचीन और जागृत धार्मिक स्थलों पर स्थापित मूल प्रतिमा को उसके स्थान से हटाना उचित नहीं माना जाता।

परिषद का दावा है कि शीतला माता मंदिर एक प्राचीन आस्था केंद्र है, जहां वर्षों से पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान लगातार होते आ रहे हैं।

विंध्याचल मॉडल पर विकास की मांग

ब्राह्मण विकास परिषद ने मंदिर समिति को सुझाव देते हुए कहा कि मंदिर परिसर का विकास किया जाए, लेकिन गर्भगृह और मूल प्रतिमा को यथावत रखा जाए।

परिषद ने कहा कि विंध्याचल धाम और मऊ के वनदेवी मंदिर की तर्ज पर प्राचीन संरचना को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जा सकता है। उनका मानना है कि इससे धार्मिक परंपराएं भी सुरक्षित रहेंगी और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं भी मिलेंगी।

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आंदोलन और प्रशासनिक हस्तक्षेप की चेतावनी

परिषद ने स्पष्ट किया कि यदि मंदिर समिति ने मूर्ति स्थानांतरण के निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया तो इस मुद्दे को लेकर व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।

साथ ही परिषद ने कहा कि मामले में शासन और प्रशासन को भी ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की जाएगी, ताकि मंदिर की प्राचीन परंपरा और धार्मिक मान्यताओं की रक्षा सुनिश्चित हो सके।

मंदिर समिति की प्रतिक्रिया का इंतजार

फिलहाल इस मामले में मंदिर समिति की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर है कि समिति ब्राह्मण विकास परिषद की आपत्तियों और सुझावों पर क्या निर्णय लेती है।

नोट: यह समाचार ब्राह्मण विकास परिषद द्वारा जारी बयान और दावों पर आधारित है। मंदिर समिति या प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर समाचार को अपडेट किया जाएगा।

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